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पासिंग आउट परेड के बाद 288 भारतीय व 89 मित्र देशों के कैडेट सेना के अंग बने


देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से विभिन्न कठिन पाठ्यक्रमों में उत्तीर्ण होने के बाद 288 सज्जन जवान अधिकारी (जीसीओ) भारतीय सेना के अंग बन गये। साथ ही, आठ मित्र देशों के 89 जीसी भी अपने-अपने देशों की सेना के अंग बन गये। कुल 377 जीसीओज की पासिंग आउट परेड (पीओपी) का निरीक्षण (रिव्यू) शनिवार सुबह मुख्य अतिथि स्वरूप उपस्थित सेना के दक्षिण पश्चिमी कमान के कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर ने किया। ये भी पढ़ेंः बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन के लिए 100 से अधिक स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कियामार्क्स कॉल के साथ प्रात: 6.40 बजे पीओपी शुरू हुई। सारे जहाँ से अच्छा और कदम से कदम मिलाये जा की धुनों के मध्य कदम ताल करते हुये अंतिम पग रखते ही यह सभी सेना के अंग बन गये। रिव्यू आफीसर भिंडर ने समस्तीपुर (बिहार) के मौसम वत्स को स्वार्ड ऑफ ऑनर, ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के नीरज सिंह पपोला को स्वर्ण, मौसम वत्स को रजत व मंडी (हिमाचल प्रदेश) के केतन पटियाल को कांस्य पदक से नवाजा। ये भी पढ़ेंः डिप्टी कमीश्नर ने ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए भूमि का अधिग्रहण पर दी सफाईदक्षिण दिल्ली के दिगांत गर्ग ने सिल्वर मेडल (टीजी) हासिल किया। जबकि बंगलादेश के तेनजिन नामगे सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, किर्गिस्तान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, तजाकिस्तान व तंजानिया की सेना के 89 जीसीओज भी इसके साथ अपने-अपने देशों की सेना के अंग बन गये। उल्लेखनीय है कि इन जीसीओज में 150 नियमित पाठ्यक्रम और 133 ने तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किये हैं।

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