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भारत ने किया एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ का सफल परीक्षण, लॉन्चिंग के बाद बदला जा सकता है इसका टारगेट


नई दिल्ली. भारत ने सोमवार को एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ का स्वदेशी हेलीकॉप्टर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया. जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में हुए परीक्षण में ‘हेलिना’ ने सिमुलेटेड टैंक को नष्ट कर दिया. यह भी पढ़े : Hanuman Chalisa : आवाज़ के जादूगर शंकर महादेवन ने बिना सांस लिए गाया हनुमान चालीसाइस मिसाइल की रेंज 7 किलोमीटर तक है, जो अपने साथ 8 किलो विस्फोटक लेकर उड़ने में सक्षम है और एक बेहतरीन मारक मिसाइल बनती है. बहुत जल्द हेलिकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘हेलिना’ इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स को मिलने की उम्मीद है.यह भी पढ़े : राशिफल 12 अप्रैल: आज इन राशि वाले लोगों के लिए समय बहुत ही ख़राब, सूर्यदेव को जल अर्पित करेंस्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर से लॉन्च की गई ‘हेलिना ‘ का ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया. इस दौरान रक्षा अनुसंधान और विकास (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों के साथ भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना की संयुक्त टीम मौजूद रही.मिसाइल को एक इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर से निर्देशित किया जाता है, जो लॉन्च से पहले लॉक ऑन मोड में काम करता है. ‘हेलिना’ दुनिया की सबसे उन्नत एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों में से एक है. एक ‘हेलिना’ मिसाइल का वजन 45 किलोग्राम के करीब है, इसकी लंबाई 6 फीट और व्यास 7.9 इंच है.हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली नाग मिसाइल की रेंज बढ़ाकर इसे ‘ध्रुवास्त्र हेलिना ‘ नाम दिया गया है. इसे एचएएल के रूद्र और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों पर ट्विन-ट्यूब स्टब विंग-माउंटेड लॉन्चर से लॉन्च किया जाता है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत लॉन्च होने के बाद टारगेट बदल सकने की है. सोमवार को परीक्षण के दौरान ‘हेलिना’ मिसाइल को लॉन्च करने के बाद इसका टारगेट बदला गया, और इसने उस लक्ष्य को सफलता पूर्व नष्ट कर दिया. इस तरह मिसाइल ने उड़ान में रहते हुए अचानक बदले गए लक्ष्य को मारने की क्षमता का प्रदर्शन किया.यह भी पढ़े : डीजल-पेट्रोल के बाद उबर ने दिया झटका, सफर होगा महंगा, किराए में 12 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलानइससे पहले 13 जुलाई, 2015 को एचएएल ने ‘हेलिना’ मिसाइल के 3 परीक्षण जैसलमेर की चांधन फायरिंग रेंज में रूद्र हेलिकॉप्टर से किए थे. तब इस मिसाइल ने 7 किलोमीटर की दूरी पर 2 लक्ष्यों को मार गिराने में कामयाबी हासिल की थी. डीआरडीओ के अनुसार, ध्रुवास्त्र हेलिना तीसरी पीढ़ी की ‘लॉन्च एंड फॉरगेट’ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है, जिसे एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर पर स्थापित किया गया है. यह मिसाइल हर मौसम में हमला करने में सक्षम है. दिन या रात दोनों समय इसे लॉन्च किया जा सकता है.

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