कोरोना महामारी के बीच इस राज्य के करीब 60 लाख लोगों पर बड़ा संकट, जानिए कैसे

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश से बिहार में नौ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने से चौदह जिले की 59 लाख 70 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है। वहीं आज से अगले चार दिन तक सभी जिले में बारिश की संभावना से बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से नदियों के दैनिक जलस्तर और बाढ़ पूर्वानुमान के जारी आंकड़े के अनुसार, बिहार में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर पांच स्थान पर, बागमती चार, घाघरा, अधवारा समूह, कमला-बलान, कोसी और महानंदा दो-दो स्थान पर तथा गंडक और परमान नदी एक-एक स्थान पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिहार में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर पश्चिम चंपारण के लालबेगियाघाट में खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर, मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में 107 सेंटीमीटर, समस्तीपुर में 238 सेंटीमीटर, रोसड़ा में 387 सेंटीमीटर और खगड़यिा में 124 सेंटीमीटर, वहीं घघरा नदी सीवान के दरौल में 57 सेंटीमीटर एवं गंगपुरसिसवन में 56 सेंटीमीटर तथा गंडक नदी का गोपालगंज के डुमरियाघाट में 112 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह बागमती नदी सीतामढ़ी जिले के ढेंग में 16 सेंटीमीटर, मुजफ्फरपुर जिले के रुन्नीसैदपुर में 197 सेंटीमीटर एवं बेनीबाद में 96 सेंटीमीटर, दरभंगा के हायाघाट में 227 सेंटीमीटर, अधवारा समूह दरभंगा के कमतौल में 105 सेंटीमीटर, एकमीघाट में 207 सेंटीमीटर, कमला बलान नदी मधुबनी के जयनगर में 15 सेंटीमीटर एवं झंझारपुर में 33 सेंटीमीटर, कोसी नदी खगड़यिा के बलतारा में 196 सेंटीमीटर, कटिहार के कुरसेला में 15 सेंटीमीटर, महानंदा नदी पूर्णिया के ढेंगराघाट में एक सेंटीमीटर एवं कटिहार के झावा में 33 सेंटीमीटर तथा परमान नदी अररिया में 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, कोसी नदी में 183990 क्यूसेक, गंडक में 150200 क्यूसेक और सोन में 14699 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बागमती नदी के जलस्तर में केवल दरभंगा जिले के हायाघाट में बढ़ने की प्रवृत्ति देखी गई जबकि अन्य सभी नदियों की घटने की प्रवृत्ति है। वहीं, मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 07 अगस्त तक नेपाल और बिहार के सभी 38 जिले के जलग्रहण क्षेत्र में हल्की से साधारण वर्षा होने की संभावना है। इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राज्य के 14 जिलों के 114 प्रखंड की 1098 पंचायत की 59 लाख 70 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य में जुटी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 31 टीम अब तक चार लाख 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में वर्तमान में 17 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 18 हजार लोग रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में 1365 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है, जिनमें नौ लाख 52 हजार लोग भोजन कर रहे हैं। अगले चार दिन बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सभी जिला अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं। अपर सचिव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अबतक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दरभंगा में सबसे अधिक सात, मुजफ्फरपुर में छह, पश्चिम चंपारण में चार और सीवान के दो लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह अबतक 20 पशु की भी मौत हुई है। इनमें मुजफ्फरपुर में 12, गोपालगंज में चार, दरभंगा में तीन और खगड़िया में एक शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के आलोक में अबतक तीन लाख 51 हजार 90 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में छह-छह हजार रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 183.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष अन्य परिवारों के खाते में भी राशि भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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