Breaking News

कोरोना महामारी की वैक्सीन नहीं लगाना चाहते इस देश के लोग, हुआ चौंकाने वाला खुलासा


एक ओर दुनियाभर के विशेषज्ञ कोरोना वायरस की वैक्सीन खोजने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस महामारी का वैक्सीन लगवाना ही नहीं चाहते। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह सच सामने आया है। सर्वे के अनुसार वैश्विक स्तर पर चार व्यस्कों में से एक कोरोना का टीकाकरण नहीं करवाना चाहता है। दरअसल लोग कोरोना वैक्सीन और इसके साइट इफेक्ट्स को लेकर आशंकित हैं। हालांकि भारत में ऐसे लोगों का अनुपात लगभग 13 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक शोध संस्था इप्सॉस ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए 27 देशों में यह सर्वे किया है। सर्वे में शामिल 20 हजार लोगों से कोरोना वैक्सीन बनने और इसके डोज लेने पर सवाल किए। 74 फीसदी वयस्क लोगों ने कहा कि अगर वैक्सीन आती है तो वह उसे लगवाना चाहेंगे। सर्वे में चीन और सऊदी अरब के बाद भारतीयों को सबसे बड़ी आशावादी आबादी बताया गया है। 74 प्रतिशत भारतीयों को उम्मीद है कि साल 2020 में ही कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी। वहीं 87 प्रतिशत चीनी और 75 प्रतिशत सऊदी अरब के लोग मानते हैं कि इस साल के अंत तक वैक्सीन आएगा।चीनी टीका लगवाने को पूरी तरह तैयार दिखे। 97 फीसदी चीनी लोगों ने वैक्सीन बनने पर सहमति जताई। वहीं रूस के 54 फीसदी लोगों ने ही वैक्सीन मामले पर रुचि दिखाई।सर्वे में जिन देशों में कोरोना वैक्सीन का इरादा सबसे अधिक पाया गया, उनमें वे चीन के 97 प्रतिशत लोग, ब्राजील के 88 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया के 88 प्रतिशत और भारत 87 प्रतिशत लोग हैं। वहीं सबसे कम रूस के 54 फीसदी नागरिक, पोलैंड के 56 फीसदी, हंगरी के 56 फीसदी और फ्रांस के 59 फीसदी नागरिक हैं। सर्वेक्षण में अमरीका, कनाडा, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, दक्षिण कोरिया, पेरू, अर्जेंटीना, मैक्सिको, स्पेन, नीदरलैंड, स्वीडन और इटली भी शामिल हैं।

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3gPXmbD

कोई टिप्पणी नहीं