बड़ा सवालः 245 का कोविड-19 टेस्ट किट 600 में क्यों खरीदा?

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अभी भी किसी भी तरह की कोई दवा नहीं बनी है। इसके बारे में दुनिया से कभी डॉक्टर वैज्ञानिक शोध कर रह हैं लेकिन फिलहाल तक कोई सही खबर नहीं मिली है। इसे साथ हाल में एक खबर मिली है कि जिसमें कोविड-19 को लेकर एंटीबॉडी रैपिड किट की खरीद को लेकर मोदी सरकार और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) सवालों के घेरे आ गई है।Follow @dailynews360 सत्तारूढ़ पार्टि के विपक्षी कांग्रेस ने कोरोना के संकट के बीच बड़ सवाल उठाते कहा कि आईसीएमआर को 245 रुपये में आयात की गई एंटीबॉडी टेस्ट किट को 600 रुपये प्रति पीस में क्यों खरीदना पड़ा है? वैसे तो सोचने वाली बात तो है कि आखिर इस मौके पर सरकार सस्ती चीज़ को इतना मंहगा क्यो खरीद रही है। बता दें कि कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा इसके बारे में कहा कि हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने एक स्थायी सवाल उठाया है।इनका कहना था कि आखिर क्यों आईसीएमआर को 245 रुपये में आयात की गई किट को 600 रुपये में क्यों खरीदनी पड़ी। महामारी के बीच में दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि फिलहाल की स्थिति को देखते हुए कोविड-19 टेस्ट किट 400 रुपये से ऊपर के रेट पर नहीं बेची जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कोरोनावायरस को नियंत्रित करने के लिए टेस्ट करने बेहद जरूरी है, ऐसे में टेस्ट किट का कम से कम रेट पर बेचा जाना भी उतना ही जरूरी है।
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