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तीरंदाजी: कोमलिका की नजरें यू-21 रिकर्व स्वर्ण, ओलम्पिक ट्रायल्स पर


भारत की उभरती हुई महिला तीरंदाज कोमलिका बारी यहां जारी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हैं लेकिन उनका इससे भी बड़ा लक्ष्य 18 जनवरी को होने वाली ओलम्पिक ट्रायल्स हैं। पिछले संस्करण में दमदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींचने वाली कोमलिका ने वल्र्ड यूथ तीरंदाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वह अपने पसंदीदा रिकर्व स्पर्धा में देश के लिए खेलना चाहती हैं।कोमलिका ने कहा, पिछले साल यहीं से सब कुछ शुरू हुआ था। जाहिर सी बात है कि मैं उस प्रदर्शन को दोहराना चाहूंगी। बड़े सीजन की यह अच्छी शुरुआत होगी। ट्रायल्स आने वाली हैं इसलिए मैं तैयार रहना चाहती हूं।झारखंड की रहने वाली इस खिलाड़ी का ध्यान अभी तो हालांकि गुवाहाटी में खेले जा रहे खेलों पर है। उनके लिए यह चुनौती भी है क्योंकि वह अब अंडर-17 से अंडर-21 में आ गई हैं।उन्होंने कहा, आप तीरंदाजी में आराम से नहीं रह सकते। यह वो खेल है जो कठिन एकाग्रता मांगता है, बहानेबाजी नहीं। अगर आप एक दिन अभ्यास नहीं करेंगे तो आप वहीं पर पहुंच जाएंगे जहां से शुरुआत की थी।प्रेक्टिस कोर्स को देख कर लगता है कि यहां की प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी बढ़ गया है। इस साल कुछ भी हो सकता है। मध्य प्रदेश तीरंदाजी टीम के कोच रिचपाल सिंह ने हालांकि किसी एक या दो को दावेदार नहीं बताया है। इसी तरह झारखंड के कोच अनिल कुमार ने साफ लहजे में कहा, यह दिन पर निर्भर करता है। यह साख के हिसाब से पदक नहीं हैं।कोमलिका ने माना कि आयु वर्ग में बदलाव करना उनके लिए चुनौती होगा, वो भी तब जब रिकर्व में दूरी भी बढ़ जाएगी। वह हालांकि आत्मविश्वास से भरी हैं। अंडर-17 में उन्होंने पिछले साल स्वर्ण पदक जीता था और इस बार उन्होंने इस आयुवर्ग में अपने गृहराज्य की सानिया शर्मा का नाम लिया है जो स्वर्ण जीत सकती हैं। सानिया ने पिछली बार रजत पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने लक्ष्मी हेमब्रोम का नाम भी लिया।

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