पाल के समय 80 फीसदी पैसे देकर बने अधिकारी

गुवाहाटी। असम लोक सेवा आयोग के निलंबित सदस्य तथा दोबारा गिरफ्तार किए गए सामेदुर रहमान के अनुसार राकेश कुमार पाल के अध्यक्ष बने रहने के दौरान धन के एवज में 80 फीसदी से अधिक नियुक्तियां हुई थीं। पुलिस ने अभी तक 40 फीसदी ही फर्जी एपीएस /एसीएस तथा अन्य संबंद्ध अधिकारियों को गिरफ्तार किया है तथा शेष 40 फीसदी फर्जी राजपत्रित अधिकारी खुली हवा में घूम रहे हैं। एपीएससी घोटाले की जांच कर रही पुलिस टीम के एक सदस्य ने गिरफ्तार सामेदुर रहमान के हवाले से इस अाशय की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि पिछले दिनों दोबारा गिरफ्तार किए गए एपीएससी के निलंबित सदस्य सामेदुर रहमान ने पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। अधिकारी ने सामेदुर के हवाले से बताया कि राकेश कुमार पाल के एपीएससी के अध्यक्ष बने रहने के दौरान हुई लगभग 80 फीसदी नियुक्तियां धन के एवज में राजपत्रित अधिकारी पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है। ताराप्रसाद दास जब एपीएससी के अध्यक्ष बने हुए थे तब से ही मोटी रकम के बदले राजपत्रित अधिकारी की नौकरी देने की प्रक्रिया चली आ रही है । पुलिस अधिकारी ने सामेदुर रहमान के हवाले से यह भी बताया कि पुलिस ने अभी तक महज 40 फीसदी फर्जी राजपत्रित अधिकारियों को ही पकड़ा है। शेष 40 फिसदी अभी भी बड़े अाराम से बाबू बने हुए हैं। मालूम हो कि सामेदुर रहमान को पिछले सप्ताह भांगागढ़ पुलिस ने कृषि विकास अधिकारी के चयन में अनिमितताओं में कथित तौर पर शामिल रहने का आरोप में गिरफ्तार किया था। रहमान को पहले भ्रष्टाचार के आरोप में डिब्रूगढ़ पुलिस दवा्रा रंगिया से गिरफ्तार किया गया था । कारागार की हवा खाने के बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। दोबारा गिरफ्तार होने के बाद उन्हें 1 सितंबर को अदालत में पेश किया गया और विशेष अदालत द्वारा उन्हें छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने उनसे काफी पूछताछ की और एपीएससी में नियुक्ति संबंधी काले कारनामों पर से पर्दा हटा रहे हैं।
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