खोलिए ये story, मोदी सरकार आपको देगी ढाई लाख रु.

केंद्र सरकार मेडिकल स्टोर (जनऔषधि केंद्र) खोलने के लिए अब आपको ढाई लाख रुपए की सहायता देगी। ये सहायता राशि मंथी इंसेंटिव बेस पर दी जाएगी। इंसेंटिव दवा बेचने पर मिलने वाले कमिशन से अलग होगा। इंसेंटिव तबतक दिया जाएगा, जबतक कि मेडिकल स्टोर खोलने वालों को 2.5 लाख रुपए न मिल जाएं। खास बात यह है कि इसके अलावा हर महीने 20 फीसदी कमिशन के साथ अधिकतम 10 फीसदी या 10 हजार दोनों में से जो भी अधिक हो, इंसेंटिव देकर मुनाफे की भी गारंटी लेगी। सरकार की योजना आगे 2000 जनऔषधि केंद्र और खोलने की है, ऐसे में आप भी इस योजना का पूरा लाभ ले सकते हैं। असल में सरकार ने पहले जनऔषधि केंद्र खोलने पर 2.5 लाख रुपए की सरकारी सहायता देने का ऐलान किया था, लेकिन यह हेल्प किसी को अबतक मिल नहीं पा रही है। जनवरी से मार्च के दौरान कुछ लोगों को इंसेंटिव जरूर मिला था, लेकिन यह जारी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सरकार ने अब यह तय किया है कि दवा बेचने पर मिलने वाले 20 फीसदी कमिशन के अलावा अलग से 10 फीसदी इंसेंटिव दिया जाए। इसके लिए अब देशभर में पीओएस मशीन बांटे जाएंगे। वहीं, नई योजना से जो जुड़ेंगे, उन्हें हाथों-हाथ यह मशीन दिया जाएगा। पीओएस मशीन के जरिए हर महीने सरकार दुकान खोलने वाले के बैंक अकाउंट में इंसेंटिव डाल देगी। बता दें कि आप अपने सेंटर के जरिए महीने में जितनी दवाएं सेल करेंगे, उन दवाओं का 20 फीसदी आपको कमिशन के रूप में मिल जाएगा।इस लिहाज से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपए की भी सेल की है तो आपको उस महीने 20 हजार रुपए कमिशन मिल जाएगा। ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार मंथली सेल पर 10 फीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। 1 लाख रुपए तक की सेल पर यह इंसेंटिव 10 हजार तक हो सकती है। इस तरह से दुकानदार को ट्रेड मार्जिन के अलावा इंसेटिव के रूप में डबल मुनाफा होगा। यानी अगर वह एक महीने में 1 लाख रुपए तक की भी दवा सेल करता है तो उसे मंथली 30 हजार रुपए तक इनकम होगी इससे ज्यादा दवा बेचने पर उसी अनुपात में कमिशन बढ़ता जाएगा। इंसेंटिव 10 हजार से ज्यादा नहीं मिलेगा। इस तरह से सरकार कमिशन और इंसेंटिव के जरिए कमाई की भी गारंटी दे रही है। बता दें कि जनऔषधि सेंटर खोलने के लिए सरकार ने 3 कैटेगरी बनाई है। पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर स्टोर खोल सकेगा। दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को स्टोर खोलने का मौका मिलेगा। वहीं तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा नॉमिनेट की गई एजेंसी होगी। दुकान खोलने के लिए 120 वर्गफुट एरिया में दुकान होनी जरूरी है। सेंटर खोलने वालों को सरकार की ओर से 650 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।वहीं स्टोर खोलने के लिए आपके पास रिटेल ड्रग सेल करने का लाइसेंस जन औषधि स्टोर के नाम से होना चाहिए। आवेदन करने के लिए आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की जरूरत होगी। वहीं, संस्थान, एनजीओ, हॉस्पिटल, चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, पंजीयन प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। जो व्यक्ति या एजेंसी स्टोरी खोलना चाहता है, वह https://ift.tt/2Mzo35H पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकता है। एप्लीकेशन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (BPPI) के जनरल मैनेजर(A&F)के नाम से भेजना होगा। ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर और भी जानकारी उपलब्ध है।
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