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Manish Gupta murder: फरार पुलिकर्मियों को दबोचने के लिए इनाम बढ़कर हुआ 1 लाख, सरेंडर रोकने के लिए पुलिस ने बनाया ऐसा खतरनाक प्लान


कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या (Manish Gupta murder) के मामले में निलंबित और फरार चल रहे गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने के सभी छह पुलिसकर्मियों को पकड़ने पर इनामी राशि 25 हजार से बढ़ा कर 1 लाख कर दी है। मनीष हत्याकांड (Manish Gupta murder) की जांच SIT कर रही है, पुलिस की आधा दर्जन से अधिक टीमें दोषी पुलिस कर्मियों की तलाश छापेमारी कर रही हैं। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखने के साथ ही सुरक्षा देने का वादा किया है।इससे पहले सभी छह पुलिसकर्मियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स की सदस्य और कानपुर की डीसीपी साउथ रवीना त्यागी (DCP South Raveena Tyagi) ने शनिवार को बताया कि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, एसआई अक्षय कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक विजय यादव, उपनिरीक्षक राहुल दुबे, मुख्य आरक्षी कमलेश सिंह यादव और आरक्षी नागरिक पुलिस प्रशांत कुमार फरार हैं।इससे पूर्व कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या (Manish Gupta murder) में आरोपित बनाए गए छह पुलिसवालों के अलावा होटल, थाना, मानसी हास्पिटल, मेडिकल कालेज में रहे पुलिसवालों के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसआईटी ने इसके लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस तामील होने के बाद ये पुलिसवाले एक-एक कर एसआईटी के समक्ष अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। उधर इनाम घोषित होने से पहले इंस्पेक्टर सहित फरार छह पुलिस कर्मियों की तलाश तेज हो गई है। गोरखपुर क्राइम ब्रांच की टीम व कानपुर की टीम आरोपितों की तलाश में दबिश डाल रही है। आरोपित कोर्ट में सरेंडर न करने पाएं। इसके लिए कोर्ट परिसर में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि पिछले 27 सितम्बर की रात गोरखपुर जिले के रामगढ इलाके में एक होब्ल के कमरा नं. 512 में मनीश गुप्ता की पीटपीट कर हत्या कर दी गयी थी। हत्या के बाद उसे हत्या आरोपियों ने इलाज कराने के नाम पर घंटें इधर उधर लेकर जाते रहे मगर रात में ही मेडिकल कालेज गोरखपुर के चिकित्सकों ने पुलिस के लाख प्रयास के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से लेकर मेडिकल कालेज और पोस्टमार्टम कराने के दौरान पंचनामा तैयार करने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूंछ ताछ करने की तैयारी अब और तेज कर दी गयी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में ज्यादातर से बातचीत पहले भी हो चुकी है, लेकिन नोटिस जारी कर अब आधिकारिक तौर पर बयान दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों के तरफ से अभी तक किसी कोर्ट मेें सरेंडर की अर्जी पड़ने की जानकारी अभी तक सामने नहीं आयी है।

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