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अबकी बार, जनता का पलटवार- मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना


मध्यप्रदेश में खंडवा लोकसभा (Khandwa Lok Sabha seat) सीट और पृथ्वीपुर, रैगांव, जोबट विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है । आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (by-elections in three assembly seats in Madhya Pradesh) की वोटिंग 30 अक्टूबर को होनी हैभोपाल मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों (MP Panchayat Chunav) की आहट अब तेज हो गई है. मध्यप्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की वोटिंग 30 अक्टूबर को होनी है। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं में बयानबाजी तेज हो गई है। मध्‍यप्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) ने किसानों (Farmers) को लेकर राज्‍य की शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला है| कमलनाथ ने प्रदेश में खाद संकट को लेकर राज्‍य की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की | कमलनाथ ने एक के एक कई Koo कर शिवराज सरकार (Shivraj government) पर निशाना साधा है.पूर्व सीएम (मुख्य मंत्री) कमलनाथ ने पर कहा कि, खुद को किसान हितेषी बताने वाली शिवराज सरकार में खाद का संकट भयावह हो गया है. किसान एक-एक बोरी के लिए परेशान हो रहा है और रोज़ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ़ खाद की जमकर कालाबाज़ारी भी जारी है. खुद को किसान हितेषी बताने वाली शिवराज सरकार में खाद का संकट भयावहप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath ) ने अपने रैलियों के दौरान भी दावा किया कि ‘इससे पहले, लाखों किसानों को अपात्र घोषित कर वसूली के नोटिस दिए गए थे। अधिकारी प्रतिदिन ऐसे किसानों को वसूली के लिए धमका रहे हैं, गरीब किसान कर्ज लेकर, गहने गिरवी रखकर राशि वापस कर रहे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उपचुनावों के कारण किसानों के खाते में पैसे डाल रही है।उन्होंने कहा, ‘जैसे ही चुनाव खत्म होगें किसानों को पैसे की वसूली के लिए नोटिस भेजा जाएगा... यह किसान की सम्मान निधि किसान अपमान निधि बन गई है।’ कमलनाथ ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने स्वीकार किया था कि मुख्यमंत्री के रुप में उनके (कमलनाथ) 15 महीने के कार्यकाल के दौरान 27 लाख किसानों के फसल ऋण माफ किए गए थे। पलायन के मुद्दे पर कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर साधा निशानाकमलनाथ ने कहा कि आदिवासी बहुल अलीराजपुर (Alirajpur) जिले के लोग रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं. कमलनाथ ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर अलीराजपुर जिले में रोजगार मुहैया कराने में विफल रहने का आरोप लगाया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘रोजगार के अवसरों की कमी के कारण जिले के लोग दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं. मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचा ही नहीं बनाया है, जिससे रोजगार पैदा हो सके. उन्होंने कहा कि निवेश तब आता है जब विश्वास का माहौल विकसित होता है. कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में किसान आत्महत्या, महिलाओं पर अत्याचार और बेरोजगारी के मामले में मध्य प्रदेश का नंबर देश में पहले स्थान पर है. उन्होंने बढ़ती ईंधन की कीमतों पर भी लोगों के सामने बात रखी.दूसरे में अन्होनें कहा कि शिवराज सरकार में भ्रष्टाचार की एक नई व्यवस्था बनी है कि पैसा दो और काम लो।आज हमारा नौजवान बिना काम का, किसान बिना दाम का और लोग पूछते हैं *शिवराज जी आप किस काम के *शिवराज जी के कान नहीं चलते, उनकी आंख नहीं चलती, उनका तो बस मुंह चलता है। कमलनाथ ने कोरोना की दूसरी लहर में किया था सावधानयही नही कमलनाथ नें कोरोना संकट को लेकर भी शिवराज सरकार पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर Koo कर लिखा, मैंने खुद शिवराज जी को कोरोना की दूसरी लहर में सावधान किया था लेकिन उन्होंने कोरोना को लेकर कोई प्रबंध नहीं किए, वह तो कोरोना को डरोंना बताते रहे।आप सभी ने देखा कि किस प्रकार ऑक्सीजन, रेमड़ेसिविर इंजेक्शन का निर्यात करते रहे और देश में लोग इसके लिये भटकते रहे। ये नाटक, नौटंकी और भाषणों से कोरोना को भगाते रहे। हमारे प्रदेश में कोरोना से ढाई लाख से अधिक मौतें हुई, कई लोगों ने अपने परिजनों को, रिश्तेदारों को खोया लेकिन यह आंकड़े दबाते रहे, छुपाते रह , फर्जी आंकड़े सामने लाते रहे, जनता यह भूलने वाली नहीं है। सरकर पर हमले के साथ साथ कमलनाथ ने कांग्रेस की नीतियां, वादे और इरादे पर भी गौर डाला, इंदिरा गांधी जी की एक सोच थी, उन्होंने आदिवासियों के लिए वन अधिकार कानून बनाया, उसका फायदा आज तक आदिवासी भाईयो को मिल रहा है।मेरी सरकार में हमने आदिवासी भाईयो के पट्टे की व्यवस्था का सरलीकरण किया, हम नहीं चाहते थे कि आदिवासी वर्ग पट्टों को लेकर परेशान हो। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में खंडवा लोकसभा सीट और पृथ्वीपुर, रैगांव, जोबट विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने सभी सीटों पर पूरा जोर लगा दिया है। इन सीटों पर 30 अक्टूबर को वोटिंग और 2 नवंबर को मतगणना होनी है

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