भारत की अफसर बिटिया ने दुनिया के सामने खोल दी इमरान खान की पोल, हर झूठ पर दिया करारा जवाब

भारत ने कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के समक्ष पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के अनर्गल प्रलाप का जवाब देते हुए पाकिस्तान को ‘फायर फाइटर के वेश में आगजनी करने वाला’ और एक ऐसा देश करार दिया है जो अपनी जमीन पर आतंकवादियों को सरकार की नीति के तहत संरक्षण देता है, जिससे पूरे क्षेत्र और दुनिया भर के देश पीड़ित हैं। संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने यूएनजीए में जवाब देने के अधिकार का उपयोग करते हुए कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। पूरी दुनिया को पाकिस्तान की नीतियों की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों का पोषण करता आ रहा है। उन्होंने जोरदार हमला करते हुए दुनिया को यह भी याद दिलाया कि अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी थी। दुबे ने कहा, दुनिया यह नहीं भूली है कि कई नृशंस घटनाओं के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी। पाकिस्तानी नेतृत्व ओसामा को अब भी शहीद के रूप में महिमामंडित करता है। उन्होंने कहा, अफसोस की बात है कि आज भी हमने पाकिस्तान के नेता को आतंकवादी कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश करते सुना। आतंकवाद का इस तरह बचाव किया जाना आधुनिक दुनिया में अस्वीकार्य है। दुबे ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा, आज, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिख, हिंदू और ईसाई निरंतर भय और अपने अधिकारों के सरकार प्रायोजित दमन के बीच जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यह एक ऐसा शासन है, जहां नेता यहूदी-विरोधी भावना को सामान्य मानते हैं और उचित भी। असहमति की आवाजों को रोजाना दबा दिया जाता है तथा गायब कर दिये गये और कानून की आड़ लेकर मार डाले गये लोगों के बारे में नकली दस्तावेज तैयार कर लिये जाते हैं। भारत में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार के बारे में इमरान खान के दावों का जवाब देते हुए, युवा राजनयिक ने कहा, बहुलवाद एक अवधारणा है जिसे पाकिस्तान के लिए समझना बहुत मुश्किल है जो संवैधानिक रूप से अपने अल्पसंख्यकों को देश के उच्च पदों पर पहुंचने की आकांक्षा से रोकता है। वैश्विक मंच पर खुद का मजाक उड़वाने से पहले कम से कम वे आत्मनिरीक्षण तो कर सकते थे। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के विपरीत, भारत अल्पसंख्यकों की एक बड़ी आबादी के साथ एक बहुलवादी लोकतंत्र है। भारत में अल्पसंख्यक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीशों और थल सेनाध्यक्षों सहित देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन हुए हैं। भारत स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र न्यायपालिका वाला देश है, जो हमारे संविधान पर नजर रखता है और उसकी रक्षा करता है। भारत द्वारा ‘युद्ध अपराधों’ के इमरान खान के आरोपों पर, उन्होंने 1971 में बंगलादेश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उससे पहले किये गये नरसंहार का उल्लेख किया जिनमें पाकिस्तान ने तीन लाख से अधिक लोगों की हत्या की थी और सैकड़ों हजार महिलाओं का बलात्कार हुआ था। यह वह देश भी है, जिसका धार्मिक और सांस्कृतिक नरसंहार को अंजाम देने का घृणित रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेता ने मेरे देश के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रदान किये गये प्लेटफार्मों का दुरुपयोग किया है और दुनिया का ध्यान अपने देश की दुखद स्थिति से हटाने की कोशिश की है, जहां आतंकवादियों को हर सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है जबकि आम लोगों, खासकर अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों का जीवन दुश्वार हो गया है।
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