अफगानिस्तान में खरबों डॉलर और हजारों सैनिक खोने के बाद अमरीका पछताया, बाइडेन ने कह दी ऐसी बड़ी बात

अफगानिस्तान से सैनिकों की पूर्ण वापसी के बाद अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हमारा मिशन सफल रहा है। उन्होंने कहा कि निकासी अभियान की सफलता के पीछे हमारी सेना का नि:स्वार्थ साहस था। अमरीकी सैनिकों ने दूसरे लोगों की सेवा के लिए अपनी जान को जोखिम में डाला। उन्होंने कहा कि इतिहास में किसी भी देश ने ऐसा नहीं किया, यह सिर्फ अमरीका ने कर दिखाया और यह गर्व की बात है। बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि अमरीका के पास काबुल छोडऩे के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। वहां लाखों-करोड़ों डॉलर खर्च किए गए और ये अभियान बेहद महंगा साबित हो रहा था। मेरा मानना है कि हमारा फैसला सही है और सबसे बेहतर है। अफगानिस्तान में अब युद्ध खत्म हो गया है। मैं इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम अफगानिस्तान और दूसरे देशों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, लेकिन वे किसी भी देश में आर्मी बेस नहीं बनाएंगे।बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमरीकी सैनिकों ने 1.25 लाख लोगों को निकाला है। उन्होंने कहा, जो अफगानिस्तान छोडकऱ जाना चाहते थे, उन्हें निकालने में मदद की गई। तालिबान के कब्जे के बाद 5,500 अमरीकी नागरिकों को निकाला गया, कुछ लोग अब भी वहां मौजूद हैं। जो आना चाहेंगे, हम उन्हें वापस लाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान इसलिए भी खास है, क्योंकि अफगानिस्तान में अमेरिका के न सिर्फ खरबों डॉलर रुपए खर्च हुए हैं, बल्कि हजारों अमेरिकी सैनिकों की जानें भी गई हैं। अफगानिस्तान में मारे गए अमेरिकी सेवा सदस्यों की संख्या 2461 है, जबकि अप्रैल तक 3846 अमेरिकी ठेकेदारों की मौत हुई है। इतना ही नहीं, 1144 नाटों और अन्य देशों सहित अन्य संबंद्ध सेवा सदस्य भी मारे गए हैं। इस बीस साल के दौरानन करीब 47,245 अफगान नागरिक मारे गए हैं।
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