भगोड़े भारतीय कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन कोर्ट ने दिया अब तक का सबसे बड़ा झटका

ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े भारतीय कारोबारी विजय माल्या को दिवालिया घोषित कर दिया, जिसके बाद भारतीय बैंकों के लिए माल्या की संपत्ति जब्त कर ऋण वसूली का रास्ता साफ हो गया है। लंदन स्थित चीफ इनसॉल्वेंसीज एंड कंपनीज कोर्ट के न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने माल्या को दिवालिया घोषित करने का फैसला सुनाया। माल्या के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 13 भारतीय बैंकों के एक संघ ने लंदन कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए ऋण की वसूली के लिए उसे दिवालिया घोषित करने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि माल्या को कर्ज देने वाले बैंकों ने इसी माह किंगफिशर एयरलाइंस के शेयर बेचकर 792.12 करोड़ रुपए जुटाए हैं।वर्चुअल माध्यम से हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के चांसरी डिवीजन के मुख्य दिवाला और कंपनी न्यायालय के न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने अपने फैसले में कहा कि मैं माल्या को दिवालिया घोषित करता हूं। 65 वर्षीय व्यवसायी माल्या इस बीच ब्रिटेन में जमानत पर ही रहेंगे, जब तक कि उनके प्रत्यर्पण से संबंधित कानूनी कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती है। वहीं इस दौरान माल्या के वकील फिलिप मार्शल ने भारतीय अदालतों में कानूनी चुनौतियां जारी रहने तक आदेश को स्थगित करने की मांग की। हालांकि, उनके इन अनुरोधों को न्यायाधीश ने ठुकरा दिया। न्यायाधीश ने अपने निष्कर्ष में कहा कि इस बात के अपर्याप्त सबूत थे कि ऋण याचिकाकर्ताओं को उचित समय के भीतर पूरी तरह से वापस कर दिया जाएगा। दिवालिया के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगने के लिए भी एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे न्यायाधीश ब्रिग्स ने यह कहकर अस्वीकार कर दिया, कि इस अपील की वास्तविकता में सफलता की संभावना नहीं थी।
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