गजबः इस देश में करोड़पतियों के पास भी नहीं है रहने को घर, कार में बिता रहे हैं जिंदगी, जानिए पूरा मामला

दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां करोड़पति लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है। यूरोपीय देश मोनाको को करोड़पतियों का मुल्क कहा जाता है। इसकी वजह है यहां की रईसी। यहां हर चार में से एक व्यक्ति करोड़पति है। हालांकि बेशुमार दौलत के बाद भी यहां के अमीर एक बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। उनके पास रहने के लिए जगह नहीं है। यहां तक कि बहुत से अमीरों को अपनी कार या डोरमेट्री में रहना पड़ रहा है। अब मोनाको की सरकार लोगों के रहने के लिए समंदर में इमारतें बनाने की योजना बना रही है।मोनाको फ्रांस के भूमध्य सागर के तट पर बसा देश है, जो केवल 2.02 स्क्वैयर किलोमीटर में फैला है। यानी क्षेत्रफल के लिहाज से ये न्यूयॉर्क सिटी के सेंट्रल पार्क से भी कम है, जो 3.41 किलोमीटर में फैला हुआ है। जगह के लिहाज से इसे दुनिया का दूसरा छोटा देश भी माना जाता है। सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी है। इतनी कम जगह पर भी मोनाको में 38000 से कुछ ज्यादा लोग बसे हुए हैं।जमीन की इसी कमी को देखते हुए मोनाको की सरकार हल खोज रही है। इसमें एक कदम समुद्र में ऊंची इमारतें बनाना है। बता दें कि पहाड़ों में घर बनाना, स्काईस्क्रेपर बनाना और जमीन के भीतर निर्माण जैसे सारे उपाय सरकार पहले ही कर चुकी है। अब वहां भी जगह खत्म होने के कारण पानी में घर बनाए जाएंगे। लगभग दो साल पहले ही इसके लिए हां हुई और काम शुरू हो चुका है। सरकार ने पानी और इसके आसपास घर निर्माण के इस प्रोजेक्ट को ऑफशोर अर्बन एक्सटेंशन प्रोजेक्ट नाम दिया है। माना जा रहा है कि साल 2026 तक ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।मकान के लिए इंतजार कर रहा ये देश इतना अमीर है कि यहां गरीबी दर ही नहीं है। यहां तक कि सीआईए वल्र्ड फैक्टबुक में भी इस देश में गरीबी के आगे लिखा है- नॉट एप्लिकेबल यानी लागू नहीं होता। इसकी एक वजह ये भी है कि यहां कोई इनकम टैक्स नहीं है। यानी खुद सरकार को भी अंदाजा नहीं है कि उसके लोगों के पास कितना पैसा है। हालांकि ये पक्का है कि यहां के लोग काफी अमीर है। इसकी वजह है यहां का प्रति व्यक्ति 165420 डॉलर है।
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