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जंगल की आग, फिर बाढ़ और मकड़ियों के कहर के बाद इस देश में अब चूहों का आंतक


लगता है ऑस्ट्रेलिया में एक के बाद एक मुसीबत टूट रही है, जिसका दंश समूची आबादी को झेलना पड़ रहा है। कोरोना का कहर वहां जारी है। इस बीच जंगलों में भीषण आग लग गई। इसके बाद बाढ़ ने वहां पर समस्याएं पैदा कर दीं। फिलहाल वहां पर चूहों के कारण नई समस्या पनपती दिख रही है। वहां पर तेजी से चूहों की संख्या बढ़ रही है। हर कोई इस बढ़ती संख्या से डरा हुआ है। स्थिति यह हो चली है कि स्थानीय लोग हों या दुकानदार हर कोई दिनभर चूहों को पकड़ने के लिए जूझता रहता है। प्लेग महामारी फैलने की आशंका भी यहां पर तेजी से फैल रही है। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड जैसे शहरों में एकाएक लाखों की संख्या में हर तरफ चूहे दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो साझा कर अपने घरों में चूहों के आतंक को दिखा रहे हैं।बताया जा रहा है कि एक दौर ऐसा था, जब ऑस्ट्रेलिया में चूहे बिल्कुल नहीं थे। कहा जाता है कि यहां साल 1787 में पहली बार चूहों को देखा गया। जांच के दौरान पता चला कि ये चूहे ब्रिटेन से व्यापार के दौरान जहाज से होते हुए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। ऐसा कहा जाता है कि विश्व के अन्य देशों में चूहे चीन के कारण फैले हैं। प्राय: व्यापार के लिए आने-जाने वाले जहाजों के जरिए ये चूहे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचे। इतिहासकारों के मुताबिक 2 हजार साल पहले चीन की वजह से ही दूसरे देशों में प्लेग का एक खास प्रकार पहुंचने लगा। इस बात का प्रमाण साल 1347 में मिला था, जब इटली में चीन से आए 12 जहाजों के कारण चूहे भी आए थे और फिर पूरी इटली प्लेग फैल गया था।जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल के मध्य से ही चूहे बढ़ने लगे थे। चूहों से लोगों को केवल खाद्य पदार्थ और दूसरे सामान के नष्ट होने का ही डर नहीं है बल्कि प्लेग जैसी महामारी फैलने का भी खौफ सता रहा है। पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया के कई प्रांतों में मरे हुए चूहे मिलने की घटनाओं में वृद्धि होने के बाद यह आशंका और बढ़ गई है।

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