संसद के बाहर सियासत, धरने पर बैठे सांसदों को चाय पिलाकर खुद उपवास पर बैठे उपसभापति

किसानों से जुड़े विधेयक को लेकर विपक्ष विरोधी रुख अपनाए हुए है। संसद के अंदर से अब सियासत संसद भवन के बाहर तक आ पहुंची है। राज्यसभा से निलंबित आठ सांसदों का मामला तूल पकड़़ चुका है। निलंबित सांसद सोमवार से संसद परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। उनका प्रदर्शन रातभर जारी रहा। इसी बीच राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह आज सुबह चाय लेकर इन सांसदों से मिलने पहुंचे। हालांकि धरने पर बैठे सांसदों ने उपसभापति की चाय पीने से मना कर दिया। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि जब वे हमारे घर आएंगे तो हम व्यक्तिगत रिश्ते निभाएंगे लेकिन यहां हम किसानों के लिए बैठे हैं इसलिए ये व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का वक्त नहीं है। हम चाहते हैं कि ये काला कानून वापस लिया जाए। वहीं अब विपक्ष के सांसदों के व्यवहार के खिलाफ उपसभापति एक दिन का उपवास रखेंगे। दूसरी ओर राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठे रहे।पीएम ने किया ट्वीटवहीं उपसभापति हरिवंश सिंह की निलंबित सांसदों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनकी तारीफ की। पीएम ने ट्वीट किया, जिन सांसदों ने कुछ दिन पहले हमला किया, उन सांसदों से जाकर मुलाकात करना और चाय देना दिखाता है कि हरिवंश जी कितने विनम्र हैं. ये उनका महानता दिखाता है।हमारा धरना जारी रहेगाकांग्रेस के सांसद रिपुन बोरा ने कहा कि उपसभापति हरिवंश हम सभी सांसदों से मिलने आए। वह बतौर एक साथी के तौर पर मुलाकात करने आए। वह हम लोगों के लिए चाय भी लेकर आए। निलंबन के विरोध में हम लोग धरने पर बैठे हैं। सरकार की ओर से कोई भी हमसे मिलने नहीं आया। विपक्ष के कई सांसदों ने हम लोगों से मुलाकात की। हम लोगों का धरना जारी रहेगा। वहीं आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया कि उपसभापति सुबह धरना स्थल पर मिलने आए, हमने उनसे भी कहा कि नियम-कानून-संविधान को ताक पर रखकर किसान विरोधी काला कानून बिना वोटिंग के पास किया गया है। जबकि भाजपा अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं। हम किसानों के लिए बैठे हुए हैं। किसानों के साथ धोखा हुआ है। यह पूरे देश ने देखा है।निलंबित सांसद दो मांगों पर अड़ेगौरतलब है कि रविवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के साथ हुए दुव्र्यवहार पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को सभापति वेंकैया नायडू ने उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था। निलंबित सांसदों में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, कांग्रेस के राजू साटव, सीपीआई-एम के केके रागेश, कांग्रेस के रिपुण बोरा, तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन , कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन, सीपीआई-एम के एलमाराम करीम शामिल हैं। निलंबन का फैसला सुनने के बाद सभी आठ सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे सांसदों की पहली मांग है कि किसान विरोधी विधेयक वापस लिया जाए। उनकी दूसरी मांग है कि उनका निलंबन वापस हो।
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3iQXCsA
कोई टिप्पणी नहीं