Breaking News

वैज्ञानिकों का कमालः इस मशीन से चलेगा पता, कहीं आपके आस-पास हवा में तो घूम नहीं रहा कोरोना वायरस


हमारे आस-पास हवा में कोरोना वायरस की मौजूदगी पता लगाना अब आसान होगा। रूस के वैज्ञानिकों ने यह कमाल कर दिखाया है। उन्होंने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो हवा में वायरस की मौजूदगी का पता लगा लेगी। जानकारी के अनुसार डिवाइस को रूस की नेशनल न्यूक्लियर रिसर्च यूनिवर्सिटी के वैज्ञनिकों ने बनाया है। ट्रिगर-बायो डिटेक्टर नाम की इस डिवाइस में अति संवेदनशील सेंसर लगा है जो सबसे कम सांद्रता पर भी हवा में कोरोना के होने की जानकारी दे सकती है। बताया जा रहा है कि यह डिवाइस अपने एनालॉग्स की तुलना में कई गुणा अधिक कॉम्पैक्ट व सटीक है। यह भीड़भाड़ वाली जगह पर तेजी से महामारी के स्तर को पता लगाने में सहायक सिद्ध होगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना पाए जाने पर यह डिवाइस अलर्ट भी जारी कर सकती है। इस मशीन को एयरपोर्ट, मेट्रो या रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर तैनात करने के लिए बनाया गया है। ट्रायल में मिले सटीक परिणाम बताया जा रहा है कि ट्रायल के दौरान ट्रिगर-बायो डिटेक्टर डिवाइस ने एकाध सैकंड में ही हवा में कोरोना की मौजूदगी का पता लगाया है। पहले चरण में यह डिवाइस प्रदूषकों को अलग-अलग करता है। जिसके बाद से हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया और बैक्टीरियल विषाक्त पदार्थों सहित किसी भी प्रकार के बायोजेनिक एरोसोल की पहचान करता है।रूस ने पिछले दिनों भी दावा किया था कि उसने ऐसी डिवाइस विकसित की है जो हवा में कोरोना की जानकारी बता सकती है, लेकिन वह डिवाइस रेफ्रिजेरेटर जितनी बड़ी थी। इस डिवाइस को डिटेक्टर बॉयो नाम दिया गया था। इस डिवाइस को रूस की केएमजे फैक्टरी ने डिफेंस मिनिस्ट्री और कोरोना वैक्सीन बनाने वाली गामालेया इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर तैयार किया था। डिटेक्टर बॉयो कोई पॉकेट डिवाइस नहीं है, बल्कि यह रेफ्रिजरेटर की तरह दिखती है। बाहर से देखने में इसमें छोटी-छोटी कई प्रयोगशालाएं दिखाई देती हैं। जो हवा खींचकर उसका टेस्ट करती हैं। मिनी प्रयोगशालाओं की चेन कोरोना की मौजूदगी का भी पता लगाने में सक्षम है। सटीक परिणाम के लिए यह दो बार आसपास की हवा की जांच करता है।

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2G7U3jt

कोई टिप्पणी नहीं