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कोरोना को लेकर सामने आई एक और बड़ी रिसर्च, उड़ेंगे आपके होश


दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दुनिया के विभिन्न देशों में कोरोना संक्रमण के 2 करोड़ 70 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस बीमारी से 8 लाख 84 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इन सब के बीच वैज्ञानिकों में बच्चों में कोरोना संक्रमण के लक्षणों को लेकर आगाह किया है।क्वीन यूनिवर्सिटी बेलफास्ट के शोधकर्ताओं का कहना है कि डायरिया और उल्टी बच्चों में कोरोना संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। भले ही बच्चे को खांसी ना हो। इसके बाद एनएचएस की लक्षणों वाली सूची को संशोधित किया जा सकता है। वर्तमान में इस सूची में तीन लक्षण तेज बुखार, लगातार खांसी और स्वाद या गंध का पता नहीं लगना शामिल है। शोधकर्ताओं ने इंग्लैंड में दो वर्ष से 15 वर्ष तक के 990 बच्चों पर रिसर्च की। कोरोना का प्रमुख लक्षण बुखार और सर्दी ही माना जाता है। इसके अलावा थकान, सांस फूलना, जुखाम, नाक बहना गले में खराश भी कोरोना संक्रमण के लक्षणों में शामिल हैं।डब्ल्यूएएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर 88 प्रतिशत लोगों को बुखार, 68 फीसदी को खांसी-कफ, 38 फीसदी को थकान, 18 फीसदी को सांस लेने में तकलीफ, 14 फीसदी को शरीर और सिर में दर्द, 11 फीसदी को ठंड लगना और 4 फीसदी में डायरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोविड-19 के लक्षण सामने आने में 5 दिन का समय लगता है। हालांकि, कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखने में इससे ज्यादा वक्त भी लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन के बाद काफी लोगों में इसके मामूली लक्षण ही नजर आते हैं।

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