इंडियन आर्मी ने दिखाया बड़ा दिल, 17,500 फीट की ऊंचाई पर चीनी नागरिकों की बचाई जान, जानिए कैसे

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद के बावजूद भारतीय सेना ने सिक्किम में चीनी नागरिकों को मदद पहुंचाई। दरअसल तीन चीनी नागरिक उत्तरी सिक्किम में 17,500 फीट की ऊंचाई पर अपना रास्ता भटक गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने उनकी मदद की। घटना 3 सितंबर की है। यह ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देश की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में पिछले चार माह से एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।चीनी नागरिकों की जिंदगी पर संकट के बादल मंडराते देख, भारतीय सेना के जवान तुरंत उनके पास पहुंचे और कठोर जलवायु परिस्थितियों में मेडिकल सहायता, खाना और गर्म कपड़े की मदद पहुंचाई।भारतीय सेना ने उन्हें उनके गंतव्य के उचित जानकारी दी और वह वापस चले गए। चीनी नागरिकों ने भारतीय सेना की इस तत्काल मदद को लेकर आभार जताया।उधर, अरूणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक निनोंग एरिंग ने शनिवार को दावा किया कि चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने राज्य के अपर सुबानसिरी जिले से पांच लोगों को ‘अगवा’ कर लिया है। अधिकारियों ने हालांकि इस घटना की तत्काल पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमें इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं प्राप्त हुई है और ना ही इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज करायी गयी है। सूत्रों के मुताबिक सेना इस मामले को देख रही है। एरिंग ने इस संबंध में ट्विटर पर लिखा,’’चौंकाने वाली खबर: हमारे राज्य के अपर सुबनसिरी जिले के पांच लोगों का कथित तौर पर चीन की सेना पीएलए ने अपहरण कर लिया है। कुछ महीने पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी। पीएलए और चीन को इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। ’’ रिपोर्टों के मुताबिक इन पांचों लोगों का नाचो के पास जंगल से उस समय अपहरण कर लिया गया , जब वे वहां शिकार के लिए गये थे। एरिंग ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘‘दिबांग की सैटेलाइट इमेजिनेशन से पता चलता है कि चीन अपर सियांग में सड़कों का निर्माण कर रहा है। डिम्बेन में अंतिम आईटीबीपी पोस्ट से दिबांग घाटी में मैकमोहन लाइन की दूरी 100 किमी से अधिक है और चीनी इसका सड़क के निर्माण में लाभ उठा रहे हैं।राज्य के छात्र संगठन ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (आपसु) ने चीन की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बार-बार होने वाले घुसपैठ और तनाव उत्पन करने की तीव्र निंदा की है। संगठन ने भारतीय सेना से सीमा पार से किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने का आग्रह किया है। आपसु ने वक्तव्य जारी कर कहा, आपसु और अरुणाचल प्रदेश का पूरा राज्य हमारी सेना के बहादुर जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम शांति का समर्थन करते हैं हालांकि, हम अपनी सेना से दृढ़ता से आग्रह करते हैं कि वह सीमा पार से होने वाले किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दें। अरूणाचल प्रदेश चीन के साथ 1080 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3h2niRx
कोई टिप्पणी नहीं