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Bihar flood : यहां सोशल डिस्टेसिंग से ज्यादा चिंता शौच जाने की है, पॉलिथीन के तंबू में रहता है पूरा परिवार


मीनापुर : पॉलिथिन की तंबू में रह रहे रघई के सैकड़ों बाढ़ प्रभावित विस्थापित परिवारों का हाल बुरा है। घर में पानी घुस जाने के बाद एक ही तंबू में परिवार के सारे सदस्य रहने को मजबूर है। बाढ़ की विपदा में सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। दर्शन देवी एक ही तंबू में ससुर, पति के साथ चार लड़की व एक लड़का के साथ रह रही हैं। मीनापुर प्रखंड में सबसे ज्यादा यहीं पर मुंबई व दिल्ली से श्रमिक आये है। आपको बता दें कि कोरोना को लेकर रघई पंचायत रेड जोन में है। उसकी पुत्री अनिसा कुमारी 15 दिन से बीमार हैं। उसे बुखार होने के कारण उल्टी होती है। इलाज के बावजूद उसकी सेहत में सुधार नहीं है। उन्हें अब पेट से ज्यादा शौच की चिंता सता रही है। रघई बांध पर करीब एक हजार विस्थापित शरण लिए हुए हैं। सब की समस्या एक जैसी है। महिलाएं तो सुबह होने का इंतजार करती हैं। बनघारा में चचरी पुल बनाकर शौचालय बनाया गया है। अपना पक्का का घर तोड़ रघई मुख्य सड़क पर शरण लिये विस्थापित बाढ़ पीड़ितों का बुरा हाल है। वार्ड-12 की उर्मिला देवी कहती हैं कि चापाकल का अभाव है। एक किमी दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है। बाढ़ में सब कुछ बह गेलई। अनाज पानी कुछ नहीं है। विस्थापित महिलाओं का कहना है कि घर में छाती भर पानी है। धूप और बरसात सब के लिए अभिशाप है। शांति देवी व तेतरी देवी कहती हैं कि पशुचारा का अभाव है। पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी है। वशिष्ठ सहनी की गाय नौ दिन से बीमार है। वह उठ भी नहीं पा रही है। मुखिया चंदेश्वर प्रसाद बताते हैं कि रघई पंचायत में पॉलीथिन बहुत कम दिया गया। चलंत शौचालय व चापाकल की व्यवस्था नहीं है। पशुचारा व चिकित्सा का अभाव है। सामुदायिक किचेन में सुबह शाम भोजन दिया जा रहा है।

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