Coronavirus Update: अस्पताल में हुआ कुछ ऐसा कि भागे 90% कोरोना संदिग्ध

कोरोना वायरस ज्यादा ना फैले इसके चक्कर में कोरोना से संक्रमित लोगों अलग ही स्वाथ्य विभाग में केयर करने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ कोरोना संदिग्धों की जांच के लिए कुछ अस्पताल में रखा जा रहा है लेकिन हाल में हैरान कर देने वाली जानकारी मिली है कि राज्य भर से कोरोना संदिग्धों को जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है। ऐसे संदिग्ध आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होकर सैंपल देने के बाद अस्पताल प्रबंधन को बगैर सूचना दिए वो लोग फरार हो रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि मेडिकल टर्म में इसे लामा (लिव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस) कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि वे सैंपल देने के बाद अपनी रिपोर्ट का भी इंतजार नहीं कर रहे। रिपोर्ट के मुताबिक रिम्स में अब तक 32 संदिग्ध का सैंपल लिया जा चुका है, जिनमें से 90 फीसद संदिग्ध लामा हो चुके हैं। अगर ऐसे लामा होने वाले संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनसे संपर्क में आने वालों के लिए भी यह सबसे बड़ा खतरा हो सकता है। कोरोना के संदिग्धों के इस रवैये से रिम्स प्रबंधन काफी परेशान है। रिम्स के निदेशक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि अगर कोई भी संदिग्ध रिम्स में भर्ती हो रहा है तो उसे तब तक आइसोलेशन वार्ड में रहना है जब तक उसकी रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए। वहीं पॉजिटिव आने पर उसे क्वारंटाइन वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा और उचित इलाज किया जाएगा। रिम्स निदेशक ने कहा कि अगर संदिग्ध रिम्स से बिना बताए भाग रहे हैं तो यह उनके संपर्क में आने वालों के लिए खतरे की घंटी है।रिम्स निदेशक ने चेतावनी दी कि अगर लामा हुए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनपर मुकदमा भी किया जाएगा। आगरा में ऐसा किया जा चुका है। खबर दें दे कि इटली के रास्ते ब्रिटेन से धनबाद आया एक व्यक्ति का सात दिन बीतने के बाद भी पता नहीं चल पाया है। इस शख्स के धनबाद आने की सूचना एयरपोर्ट अथॉरिटी दिल्ली ने स्वास्थ्य विभाग को दी थी। ऐसे में चिंतित स्वास्थ्य विभाग उसकी खोजबीन जोरशोर से करने में जुट गया है। जानकारी दे दें कि विदेशों से आए लोगों को 14 दिनों के लिए स्वास्थ्य विभाग हाउस सर्विलांस करता है। लेकिन इस शख्स का पता नहीं चल पाने से उसका सर्विलांस नहीं हो पाया।
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