कोरोना पर चीक-चीक कर रहे अमेरिकी रिपोर्टरों पर, चीन ने लगाया बैन

चीन से उठे कोरोना ने जिस तरह से दुनिया में तबाही मचा रखी है। इस बात को लेकर अमेरिका और चीन के बीच जंग शुरू हो गई है। पहले यह जुबानी लड़ाई थी, लेकिन अब चीन ने एक्शन लेते हुए कई अमेरिकी पत्रकारों पर बैन लगा दिया हैं। मीडिया द्वारा खबर मिली है कि चीन ने अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबारों न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जर्नल और वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकारों का प्रेस कार्ड वापस लेने का फैसला किया है। अमेरिकी पत्रकारों के संकट को देखते हुए विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन से अपने फैसले पर विचार करने की अपील की है। दरअसल, पिछले दिनों चीन ने जानकारी दी कि उनके यहां कोरोना फैलाने में अमेरिकी सैनिक जिम्मेदार हैं जिसके बाद वॉशिंगटन बुरी तरह से बिफर गया वो इस तरह के इल्जाम कतई बर्दाश्त नहीं किया और तब से ये वॉर शुरू हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक ट्वीट कर अमेरिका पर यह आरोप लगाए थे जिसके बाद अमेरिका ने चीनी राजदूत को तलब किया और उन्हें अपनी नारजगी जाहिर की। वैसे आपको बता दें कि दोनों के बीच आग में घी का काम अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयान ने किया है।ट्रंप ने कोरोना वायरस को चीनी वायरस का नाम दे दिया है और WHO के निर्देशानुसार किसी वायरस पर किसी देश का नाम देना एक क्राइम है। ट्रंप की इस टिप्पणी पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और कहा, कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञ चीन को कलंकित करना चाहते हैं। हम यह अपील करते हैं कि अमेरिका को इस नीच हरकत का भुगतान करना पड़ सकता है। हम उनकी कठोर निंदा करते हैं। बता दें कि ट्रंप ने अपने बयान को जायज ठहराते हुए कहा, चीनी वायरस बयान बिल्कुल उपयुक्त है।
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2QlrK36
कोई टिप्पणी नहीं