इस महिला ने किया था कोरोना का खुलासा! चीन ने कर दिया ऐसा खराब हाल

भारत समेत दुनियाभर में महामारी का रुप ले चुके कोरोना वायरस से सबसे पहले अधिकारियों को अलर्ट करने वाली चीन के वुहान शहर की डॉक्टर एई फेन लापता हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस बीमारी के बारे में सार्वजनिक रूप से बयान देने के कारण उन्हें बंदी बनाया गया है। इससे पहले डॉक्टर एई ने एक मरीज की सार्स कोरोना वायरस की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया था। इस रिपोर्ट के सार्वनिक करने के बाद वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल के अधिकारियों ने डॉक्टर एई को धमकी दी थी कि उन्हें अप्रत्याशित और बेहद कठोर प्रताड़ना झेलनी होगी। डॉक्टर एई की रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया था। डॉक्टर एई कुछ उसी तरह से चर्चा का विषय बन गई थीं जैसे कोरोना वायरस का सबसे पहले खुलासा करने वाले डॉक्टर ली वेलिआंग थे। डॉक्टर ली को भी चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उन्हें अवैध रूप से गलत सूचना ऑनलाइन प्रसारित करने के लिए कठोर प्रताड़ना का सामना करना होगा। उधर, डॉक्टर एई ने एक चीनी पत्रिका को इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना वायरस को लेकर शुरुआती चेतावनी को नजरअंदाज किया था। 60 मिनट ऑस्ट्रेलिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस इंटरव्यू के बाद से डॉक्टर एई लापता हैं। डॉक्टर एई ऐसे समय पर लापता हुई हैं जब चीन सरकार कोरोना वायरस के बारे में महत्वपूर्ण सूचना को हरेक स्तर पर छिपाने के आरोपों का सामना कर रही है। इस बीच वुहान शहर में कोरोना वायरस से कितनी मौतें हुईं, इसको लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। वुहान के स्थानीय लोगों का मानना है कि चीनी अधिकारियों के दावे के विपरीत यहां पर कम से कम 42 हजार लोगों की कोरोना वायरस से मौत हुई। इससे पहले चीन के अधिकारियों ने दावा किया था कि वुहान में मात्र 3200 लोगों की मौत हुई थी। दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस से 42,157 लोगों की मौत हो गई है।
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