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काली मिर्च रोकेगी कोरोना! इन 5 तरीकों से खाएं फिर देखें कमाल


खाना बनाने के लिए काम में ली जाने वाली काली मिर्च एक ऐसा मसाला है, जो पूरी दुनिया में सबसे अधिक यूज किया जाता है। काली मिर्च इस समय दुनिया के लगभग हर देश की पाक कला का हिस्सा है। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि काली मिर्च खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करती है।काली मिर्च और शहदसामान्य कफ और कोल्ड में एक चम्मच शहद में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से आराम मिलता है। अगर आप स्वस्थ हैं और कफ-कोल्ड से बचे रहना चाहते हैं, तब भी दिन में एक बार इस मिश्रण को ले सकते हैं। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।काली मिर्च और आटा-बेसन-सूजीभारतीय समाज में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए शुरू से ही कई तरह के हेल्दी व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इन्हीं में शामिल हैं आटे के लड्डू। आमतौर पर ये लड्डू सर्दियों के मौसम में उत्तरी भारत में बनाए जाते हैं। लेकिन इस समय आप बदलते मौसम और कोरोना से फाइट के लिए इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में इनका उपयोग कर सकते हैं।लड्डू खाने से बढ़ेगी इम्युनिटीइन लड्डुओं का नाम आटे के लड्डू इसलिए होता है क्योंकि इन्हें बनाने में आटे की मात्रा अधिक ली जाती है। आप चावल का आटा, सूजी, बेसन तीनों चीजों को देसी घी में अलग-अलग भून लें और फिर छान लें। इनमें बारीक कतरे हुए मेवे डालें, जैसे काजू, बादाम, चिरौजी, खरबूजे के बीच, हरी इलायची के दाने और बारीक कुटी हुई काली मिर्च। देसी घी, बूरा और थोड़ा मावा मिलाकर लड्डू तैयार करें। हर रोज सुबह गर्म दूध के साथ एक लड्डू लें।टोस्ट-सैंडविच और सलाद में काली मिर्च का उपयोगघर में रहने के दौरान जाहिर तौर पर दोनों टाइम का नाश्ता और स्नैक्स आप घर पर ही तैयार कर रहे होंगे। ऐसे में टोस्ट, सैंडविच, सलाद, स्प्राउट्स आदि में काली मिर्च का पाउडर छिड़ककर उपयोग करें। यह गले में होनेवाले इंफेक्शंस से आपको बचाएगा। साथ ही खांसी की समस्या से दूर रखेगा।सब्जी में जरूर डालेंअगर आप अभी तक केवल सब्जी मसाला डालकर ही सब्जी बनाते रहे हैं तो अब काली मिर्च पाउडर को भी इसमें शामिल कर लीजिए। आप सब्जी बनाते वक्त उसमें सब्जी मसाला के साथ इसे भी डालें। साथ ही दाल बनाते वक्त जब दाल तैयार हो जाए तो काली मिर्च पाउडर को ऊपर से ऐड करके उसे खाएं।चिल्ला घोल में मिलाएंचिल्ला सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है। क्योंकि इसे बनाने में कम से कम तेल का उपयोग होता है और बेसन के साथ हरा धनिया, करी पत्ता, कच्ची प्याज और हरा पूदीना इसमें मिलाकर आप चिल्ला बहुत अधिक पौष्टिक बना सकते हैं। इन सबके साथ चिल्ला बनाने के लिए तैयार किए गए बेसन घोल में काली मिर्च का पाउडर भी डालें।

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