इस प्रयोग से भारतीय फुटबॉल को मजबूत करना चाहता है AIFF

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) की बेबी लीग्स (BABY LEAGUES) के पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा सफल होने की उम्मीद है। एआईएफएफ ने कम उम्र में ही असली प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के लिए बेबी लीग्स की शुरुआत की थी। इस लीग में अंडर 6 से लेकर अंडर 12 तक ग्रुप हैं, जिनमें बच्चे हिस्सा लेते हैं।मिजोरम से लेकर महाराष्ट्र तक कई राज्यों में इन लीग्स का आयोजन किया गया जो काफी कामयाब रहा। इसकी शुरुआत पिछले साल सितंबर में हुई थी। इसमें कश्मीर घाटी, मिजोरम, तमिलमाडु, महाराष्ट्र गुजरात और केरल जैसे राज्य शामिल है। पिछले साल इन लीग्स नें 21,471 बच्चों ने हिस्सा लिया था जो संख्या इस साल बढ़कर 43,575 हो गई। एआईएफएफ के मुताबिक पिछले साल 5,335 टीमों ने हिस्सा लिया था और लगभग 21,130 मैच खेले गए थे। फेडरेशन ने इस साल से इसे गोल्डन बेबी लीग नाम दिया है, जिसका पहला एडिशन हाल ही में मेघालय में खेला गया।एआईएफएफ के टेकनिकल डायरेक्टर ने कहा, इन लीग्ज की मदद से हम ऐसा वातावरण बनाना चाहते हैं जहां सही प्रतिभा की पहचान हो सके, बच्चे इस खेल को लेकर जूनुनी बने साथ ही खेल से दोस्ती की अहमियत समझे। इस उम्र के बच्चों को अगर सही तरह ट्रेन करें तो वह आगे चलकर भारतीय फुटबॉल को मजबूत करेंगे। हम चाहते हैं बच्चे ज्यादा से ज्यादा मैच खेले ताकी भारतीय फुटबॉल को और फायदा हो।यह बेबी लीग्ज एआईएफएफ के ऐप से कंट्रोल किया जाता है। इसी ऐप की मदद से ऑपरेटर्स लाइसेंस देते है। एआईएफएफ उस राज्य की ऐसोसिएशन से बात करके आयोजकों को यह लाइसेंस देती है, इसके लिए कम से कम तीन उम्र वर्ग के मैच कराने जरूरी होते हैं, जिसमें कम से कम आठ टीमें हों।
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