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खुशखबरीः PM मोदी ने दी इन राज्यों को बड़ी सौगात, जल्द शुरू होगी ऐसी सुविधा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्तर राज्यों को बड़ी सौगात देते हुए एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसके तहत पूर्वोत्तर के राज्यों को रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में काम कर रहे भारतीय रेल को ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। भारतीय रेल ने त्रिपुरा में रेल निर्माण करके इस राज्य को अन्य राज्यों से जोड़ दिया है। रेलवे ने अगरतला से सबरूम के बीच में नई लाइन के निर्माण का काम पूरा कर लिया है।कई राज्यों को होगा फायदा, व्यापार होगा आसानसबरूम रेलवे स्टेशन तक रेल सेवा शुरू होने के बाद अब पूर्वोत्तर और उत्तरी राज्यों को फायदा होगा। इस रेलवे लाइन के बनने से अब बांग्लादेश और इन राज्यों के बीच में व्यापार आसान हो जाएगा क्योंकि चटगांव पोर्ट से सबरूम की दूरी महज 70 किमी ही है। अभी तक यहां पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर तक उत्तरी त्रिपुरा, असम और मेघालय के पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। जल्द शुरू होगी रेल सेवाउत्तरी पूर्वी राज्यों में रेल संपर्क बढ़ाने के मामले में रेलवे को बड़ी कामयाबी मिलने के बाद अब जल्द ही रेल सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। त्रिपुरा में बेलुनिया से सबरूम के बीच करीब 39 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। अब इस रेल लाइन की कमिश्नर रेलवे सेफ्टी से मंजूरी मिलने के बाद इस पर रेल सेवा शुरू कर दी जाएगी। अगरतला से सबरूम के बीच 113 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का ये सबसे आखिरी सेक्शन था। अब इस पर भी लाइन बिछाने का कम पूरा होने के बाद अब जल्द ही सेवा शुरू होने की उम्मीद है। करीब 3400 करोड़ रुपए हुए खर्चये रेलवे लाइन त्रिपुरा के 4 जिलों पश्चिमी त्रिपुरा से पहिजाला, गोमती और दक्षिणी त्रिपुरा के 12 स्टेशनों से होकर गुजरती है। रेलवे ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पूर्वोत्तर में लाइन बिछाने में कामयाबी मिलने के बाद इसे भी मोदी सरकार की उपलब्धियों के तौर पर देखा जा रहा है।यह होगा फायदाअब सबरूम रेलवे स्टेशन से चटगांव बंदरगाह की दूरी महज 70 किमी ही रह गई है। अब चटगांव बंदरगाह तक पहुंचने के लिए बांग्लादेश में तेजी से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। अब यह सड़क बनने के बाद त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल और असम को चटगांव पोर्ट से करीबी की वजह से बड़ा फायदा होगा। अभी तक त्रिपुरा से चटगांव बंदरगाह तक पहुंचने के लिए मुश्किल सड़क पर करीब 200 किमी का सफर तय करना होता है। महंगाई होगी कम, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावाइस लाइन के बनने के बाद इन राज्यों तक सामान पहुंचाने में बाहर ले जाने में काफी मदद मिलेगी। इससे अब सामान के दामों में कमी भी आएगी, यही नहीं इससे अब समय की भी बचत होगी। बता दें सबरूम रेल लाइन पर ही उदयपुर में त्रिपुर सुंदरी देवी का मंदिर है। यह मंदिर देश की 51 शक्तिपीठों में से एक है और बांग्लादेश के हिन्दुओं के बीच भी इस मंदिर को लेकर काफी मान्यता है। अब यह लाइन बनने के बाद यहां तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को भी फायदा होगा।

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