भारत का गौरव है हिमा दास, अब तक जीत चुकी हैं इतने गोल्ड मेडल

हिमा दास उर्फ धिंग एक्सप्रेस एक ऐसा नाम है जिसने अपना ही नहीं बल्कि भारत का भी नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। सन 9 जनवरी 2000 को असम के नगांव जिले के धिंग गांव में रहने वाले एक गरीब परिवार में जन्मी इस होनहार बेटी ने लगातार महज 19 दिनों में 5 मेडल जीते हैं। नंगे पैर अपनी दौड़ शुरू करने वाली इस बेटी देश की झोली में गोल्ड मेडल डाले हैं कि जानकर आपको भी हैरानी होने के साथ ही गर्व महसूस होगा।हिमा दास की सफलता की कहानी यहां से शुरू हुईहालांकि पहले हिमा ने बिना किसी प्रेक्टिस व कोच के अपनी रेसिंग शुरू की थी और कई कंपीटिशन जीते। इसके बाद सन 2017 में उनकी मुलाकात निपुण दास से हुई। यह वे समय था जब खेल एवं युवा कल्याण निदेशालय की ओर से इंटर डिस्ट्रिक्ट कंपीटिशन आयोजित कराया गया था। इस प्रतिस्पर्धा में हिमा ने सस्ते जूते पहन कर दौड़ लगाई तथा 100 मीटर और 200 मीटर दोनों रेस में प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद निपुण दास ने उनको ट्रेनिंग देना शुरू और 200 मीटर तथा 400 मीटर रेस में दौड़ने के लिए ट्रेंड किया।हिमा दास का गोल्ड जीतने का सिलसिला यहां से हुआ शुरू1. हिमा ने 2 जुलाई 2019 को पोलैंड में आयोजित हुई पॉजनान एथेलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में 200 मीटर रेस को 23.65 सेकंड में पूरा करते हुए गोल्ड मेडल जीता।2. इसके बाद 8 जुलाई को पोलैंड में ही आयोजित कुट्नो एथेलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरी करते हुए दूसरा गोल्ड मेडल जीता।3. हिमा ने 13 जुलाई को चेक गणराज्य में आयोजित क्लांदनो एथेलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.43 सेकंड में पूरा करके गोल्ड जीता।4. इसके बाद 17 जुलाई को टाबोर एथेलेटिक्स मीटर में 200 मीटर रेस में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता।5. इसके बाद हिमा ने नॉवे मेस्टो सीजेच रिपब्लिक में 400 मीटर रेस को में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय महिला हैं।
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