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नहीं कर रहे हैं बैंक अकाउंट का इस्तेमाल तो बंद करा लें, नहीं तो होंगा इतना बड़ा नुकसान


ज्यादातर लोगों के साथ होता है कि उनके पास कई बैंक अकाउंट होते हैं, लेकिन वे एक या दो अकाउंट का ही सही से इस्तेमाल करते हैं। खासकर नौकरीपेशा लोगों के साथ यह आम बात है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के दौरान नौकरी बदलते ही, ज्यादातर लोगों के बैंक अकाउंट बदल जाते हैं। पुराना अकाउंट से ट्रांजैक्शन बंद हो जाता है, लेकिन आप उसे बंद भी नहीं करवाते हैं। आपको डेड अकाउंट से काफी नुकसान उठाना पड़ता है, जिसके बारे में आपको पता भी नहीं रहता है। इसलिए जरूरी है कि आप उन अकाउंट को बंद करवा दें और किसी तरह के नुकसान से बच जाएं।डेड अकाउंट के होते हैं ये नुकसान1. सैलरी अकाउंट पर तीन महीने तक सैलरी नहीं आती है तो वह खुद-ब-खुद सेविंग अकाउंट में बदल जाता है। सेविंग अकाउंट में बदलते ही मिनिमम मंथली बैलेंस रखना जरूरी हो जाता है। अगर मिनिमम बैलेंस नहीं मेंटेन करते हैं तो आपको पेनाल्टी भरना होगा।2. बैंक अकाउंट के साथ-साथ डेबिट कार्ड भी जारी किया जाता है। जब अकाउंट ही डेड है तो आप डेबिट कार्ड का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। कुछ बैंक डेबिट कार्ड पर सालान चार्ज वसूल करते हैं। आपको यह चुकाना पड़ेगा।3. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ऐसे अकाउंट में अपनी सेविंग्स बचा कर रखते हैं। लेकिन, इन सेविंग्स पर 3.5 फीसदी से 4 फीसदी तक इंटरेस्ट मिलता है। वहीं अगर आपने उस रकम का FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) कराया होता तो आपको 9 फीसदी इंटरेस्ट रेट मिलता।4. 12 महीने तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होने पर अकाउंट इन-एक्टिव माना जाता है। 12 महीने तक इन-एक्टिव अकाउंट से कोई ट्रांजैक्शन नहीं होने पर उसे डॉर्मेंट अकाउंट मान लिया जाता है। डॉर्मेंट अकाउंट को एक्टिव करने के लिए दोबारा KYC की जरूरत होती है। इस अकाउंट के लिए नेट बैंकिंग भी काम नहीं करता है।

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