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भारत का यह हिस्सा है भगवान का अपना बगीचा


जिस तरह से कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। ठीक उसी तरह से दुनिया की दूसरी जन्नत भी खोज ली गई है। क्या आपने कभी गॉड ऑफ गार्डन का नाम सुना है, शायद नहीं। आप इसे धरती का दूसरा स्वर्ग कह सकते हैं। आज हम आपको इसकी हिस्ट्री ज्योग्राफी बताएंगे। भारत के राज्य मेघालय में एक ऐसा गांव है जिसके बारे में कहा जाता है कि वह गॉड ऑफ गार्डन यानी कि भगवान का अपना बगीचा।आखिर ऐसा क्या है इस गांव में और क्या है इसका नाम कि दुनियाभर के लोगों के बीच यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां बात हो रही है मावलिननांग नाम के गांव की। देश के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय का यह गांव दरअसल अपनी बेजोड़ स्वच्छता के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इस गांव को एशिया का सबसे साफ-सुथरे गांव का दर्जा मिला हुआ है। इस गांव को देखकर किसी को भी हैरत होगी और लगेगा कि यकिनन यह पृथ्वी पर किसी अजूबे से कम नहीं है। जहांं स्वच्छता होती है , भगवान भी वहीं पर विराजते हैं और शायद इसी वजह से इस गांव को भगवान का अपना बगीचा के नाम से प्रसिद्धि मिली हुई है। इस गांव की खूबसूरती को निहारने के लिए पर्यटक बाकायदा टूर पैकेज बुक करा सकते हैं या दोस्तों के साथ योजना बनाकर आकस्मिक प्लान कर सकते हैं। इस गांव में कई ऐसी चीजें हैं, जो देखने लायक हैं। जैसे कि-लिविंग रूट ब्रिजः लिविंग रूट ब्रिज को यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल घोषित किया जा चुका है। नदी के ऊपर लटकते ये पुल रबर के पेड़ों से लटकती जड़ों से जुड़े हुए हैं। मावलिननांग झरनाः यहां का झरना भी बेजोड़ है, जहां लोग अपने दोस्तों या संबंधियों के साथ एक छोटा-सा पिकनिक की योजना भी बना सकते हैं। यह झरना गांव के नाम यानी मावलिननांग के नाम से ही मशहूर है।ईशावतरण का चर्चः मावलिननांग गांव का लैंडमार्क है ईशावतरण का चर्च, जोकि सौ साल पुराना है, लेकिन आज भी इसकी चमक और खूबसूरती वैसी की वैसी ही है।

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