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इस बार शिवरात्रि पर बन रहा है महासंयोेग, बहुत मुश्किल से आता है ऐसा दिन


देवो के देव महादेव भगवान भोलेनाथ का महापर्व महाशिवरात्रि सोमवार 04 मार्च को पूरे भारत देश में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इसी दिन माता पार्वती तथा भगवान शिव का विवाह हुआ था। सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ का दिन होता है, इसलिए इस बार महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार के दिन शिवयोग में होगा। सोमवार को महाशिवरात्रि होने से यह दिन अत्यंत शुभ व मंगल फल देने वाला है। शिवरात्रि पर्व के लिए शहर के शिवालय फूलों और रोशनी से सज गए हैं।महाशिवरात्रि के लिए शहर के शिवालयों में तैयारी जोरों से चल रही हैं। मंदिरों में रंग रोगन से लेकर भक्तों की व्यवस्था का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिव मंदिरों में भव्य रुप से महाशिवरात्रि मनाए जाने की तैयारी है। सोमवार को सूर्योदय से लेकर देर रात तक मुहूर्त है। इस बीच दुग्ध अभिषेक, रुद्राभिषेक, जल अभिषेक किया जाएगा। मंदिरों द्वारा जलाभिषेक और पूजन की विशेष व्यवस्था की गई है। भगवान शिव जगत पिता हैं। माता पार्वती जगत माता हैं। इस महापर्व का सोमवार का पड़ना एक बड़ा सुखद संयोग है। श्रवण नक्षत्र तथा सोमवार का बन रहा है जो कि बहुत ही शुभ संयोग है। इस वर्ष शिवरात्रि का पावन पर्व श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है। श्रवण का स्वामी चंद्रमा होता है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित होते हैं। इस दिन सोमवार भी है। इस प्रकार यह तीन महासंयोग अद्भुत है जो कि बहुत ही मुश्किल से मिलता है। इस प्रकार इस वर्ष यह महापर्व बहुत ही शुभकारी और मंगलकारी है।शुभ मुहूर्त-जहां तक शुभ मुहूर्त की बात है तो इस दिन जबसे शिवरात्रि आरम्भ होती है और समाप्त होने तक दिन रात शिव पूजा कर सकते हैं। यह बात वैदिक और पौराणिक है। इसमें विशेष मुहूर्त में हम अभिजीत, अमृत काल या विजय मुहूर्त को शामिल कर सकते हैं। यहां तक कि राहुकाल के समय भी भगवान का अभिषेक शिवरात्रि में होता है। महाशिवरात्रि के दिन शुभ मुहूर्त 4 मार्च को सुबह चार बजे से पांच मार्च की शाम 6 बजे तक रहेगा।शुभ मुहूर्त शुरू - शाम 04:28, 4 मार्च 2019शुभ मुहूर्त समाप्त - 07:07, 5 मार्च 2019महाशिवरात्रि पूजा विधि-शिवरात्रि पर सबसे पहले शिवरात्रि व्रत का संकल्प लें। शिवरात्रि के दिन दूध से शिव का अभिषेक करें। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेल पत्र जरूर चढ़ाएं। शिवलिंग पर फल और सफेद फूल चढ़ाएं। भगवान शिव को जानेव अर्पित करें। शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ फलकारी माना जाता है। शिवलिंग का अभिषेक करने के बाद धूप-दीप से शिव जी की आरती अवश्य करें। शिव की आरती करने से पहले शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ जरूर करें। शिव की पूजा आराधन करने के बाद रात्रि में सत्संग, भजन कीर्तन करें। शिवरात्रि में फलाहार से शिवरात्रि का व्रत खोलें।

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