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अब और भी आसान होगा अरुणाचल प्रदेश जाना, निहार सकेंगे खूबसूरती


भारत में टूरिज्म का हब और प्राकृतिक नजारों की खूबसूरती से भरा अरुणाचल प्रदेश जल्द ही एक और एयरपोर्ट के साथ अपने सैलानियों का स्वागत करने की तैयारी में है। इस नई शुरुआत से नोर्थ इंडिया में टूरिज्म के बढ़ने की संभावना है। इस एयरपोर्ट का नाम होलोंगी एयरपोर्ट होगा। इसे वाणिज्य विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक होलोंगी एयरपोर्ट को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में बनाया जाएगा।मुख्य शहर ईटानगर से इस एयरपोर्ट की दूरी करीब 25 किलोमीटर होगी, जिसका रनवे करीब 2200 मीटर का होने की सूचना है। इस एयरपोर्ट की साज-सज्जा में अरुणाचल की स्थानीय कला, संस्कृति और आधुनिकता का संगम देखने को मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यहां आनेवाले सैलानियों की सख्या में बड़ा इजाफा होगा। देश के अन्य हिस्सों के साथ ही विदेशी पर्यटक भी अरुणाचल आसानी से पहुंच सकेंगे। अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरती से ज्यादातर पर्यटक अभी भी अनजान हैं, जबकि पिछले कुछ साल में इसके पड़ोसी राज्यों आसाम और नागालैंड में पर्यटन में खासा इजाफा हुआ है।ईटानगर के टूरिस्ट स्पॉट अगर आप भी नोर्थ इंडिया के इस खूबसूरत राज्य के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो आपको अरुणाचल प्रदेश की कुछ जगहों पर जरूर जाना चाहिए। वैसे यहां की राजधानी ईटानगर में ही घूमे के लिए इतना कुछ है कि सैलानियों का मन ही न भरे। आप ईटानगर जाएं तो आपको गोंपा मंदिर, ईटा फोर्ट, गंगा झील, रूपा, ईटानगर वन्यजीव अभयारण्य और नामधापा नैशनल पार्क जरूर जाना चाहिए। ईटा फोर्ट ईटा फोर्ट ईटानगर के बीचोंबीच स्थित है। दरअसल इस किले के नाम पर ही इस शहर का नाम रखा गया है। इस किले में ही इस शहर का इतिहास भी समाया है। जानकारी के मुताबिक इस किले का निर्माण 14वीं से 15वीं शताब्दी के बीच किया गया है। इस किले के निर्माण में सामान्य से लंबी ईटों का प्रयोग किया गया है, इसीलिए इस किले का नाम ईटा फोर्ट पड़ा और इस फोर्ट के कारण शहर का नाम। कहा जाता है कि इस किले के निर्माण में 80 लाख से अधिक ईंटों का प्रयोग किया गया है। गंगा झील अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गंगा झील की गिनती होती है। स्थानीय भाषा में इस झील को गेकर सिन्यी कहा जाता है। यह झील शहर की आबादी से करीब 6 किलोमीटर दूर है। खास बात यह है कि मौसम चाहे जो भी हो,यहां आनेवाले पर्यटकों की संख्या लगातार बनी रहती है। इस झील के चारो तरफ घना जंगल है, जो इसकी सुंदरता को अधिक बढ़ा देता है। इस झील से कई पौराणिक कथाएं भी जुड़ी हुई हैं, जो यहां पहुंचने पर गाइड और स्थानीय लोग आपको बताएंगे। रूपा रूपा अरुणाचल प्रदेश का एक छोटा मगर आकर्षक हिल स्टेशन है। यह तेंगा नदी के किनारे आनेवाली हिम श्रृंखला पर स्थित है। अगर आपको रूपा के आस-पास से सुबह सवेरे या शाम के समय गुजरने का मौका मिले तो कहने ही क्या। यहां का मनोरम दृश्य और इस हिल स्टेशन की खूबसूरती सूरज की मद्धम रौशनी में और भी खिल जाती है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता आंखों के साथ दिल और दिमाग में उतर जाती है।

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