40-45 किमी का माइलेज चाहते हैं तो इस तरह ड्राइव करें कार
नई दिल्ली: इंडियन मार्केट में कार की सफलता जिस एक बात पर सबसे ज्यादा डिपेंड करती है वो है माइलेज। हर इंसान कार खरीदते टाइम जो सवाल सबसे पहले पूछता है। वो यही होता है कि आखिर माइलेज कितना देगी। आपने देखा होगा अक्सर कंपनिया दावा करती हैं कि कार 30 तक का माइलेज देगी लेकिन असल में 25 के ऊपर माइलेज पॉसिबल नहीं होता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाइपर मिलिंग के जरिए कई ड्राइवर्स ने 30-40 तक का माइलेज हासिल किया है। एक Maruti Suzuki Dzire ओनर को तो 45.8 किमी/लीटर की अविश्वश्नीय माइलेज मिली थी।
कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने ज़्यादा माइलेज पाने की कोशिश कर 32.3 किमी/लीटर की माइलेज हासिल किया। दरअसल ये सब संभव होता है हाइपर मिलिंग से और ये सारे आंकड़े सरकारी एजेंसी ARAI द्वारा किये जाते हैं।
क्या होती है हाइपरमिलिंग-
- हाइपर मिलिंग में ड्राइवर को हाइवे पर कार हमेशा टॉप गियर में चलानी होती है। अगर कार में 5 गियर हैं तो आपको अपनी कार हमेशा 5वें गियर में चलानी होगी।
- मैक्सिमम माइलेज पाने के लिए एसी को बंद कर देना चाहिए और हेडलैम्प्स, ऑडियो सिस्टम, या नेविगेशन जैसा कोई भी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट नहीं चलाना चाहिए। यहां तक कि खिड़कियां भी सिर्फ इतनी खोलें कि क्रास वेंटीलेशन होता रहे ज्यादा हवा से एरोडायनामिक्स बिगड़ जायेंगे और माइलेज कम हो जायेगी।
- माइलेज बढ़ाने के लिए एक्सीलीरेटर एवं ब्रेक्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ऐसा करने से कार का माइलेज नार्मल से 20% बढ़ जाएगा।
कितना संभव है हाइपरमिलिंग का प्रोसेस-
हाइपरमिलिंग से माइलेज गारंटीड बढ़ जाता है लेकिन सवाल ये उठता है कि इंडिया में ये प्रोसेस कितना सक्सेसफुल है।दरअसल यहां के मौसम को देखते हुए एसी न चलाया जाए ये संभव नहीं होता है और यहां लोग आगे रहने में यकीन रखते हैं ऐसे में हाइवे पर 60 की स्पीड में कार चलाना वो भी बिना किसी म्यूजिक के काफी बोरिंग हो जाता हैं।फिर भी अगर आप ये सब कर पाएं तो आपकी कार का माइलेज बढ़ना तय है
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2AJZCio
कोई टिप्पणी नहीं