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सड़कों पर फिर दौड़ेगी सुसाइड डोर वाली लिंकन कॉन्टिनेंटल कार, जानें इस बार क्या होगा नया

नई दिल्ली: इसमें कार के पिछले दरवाजे पीछे के बजाय सामने की तरफ खुलते हैं। 1960 के दशक में सामने की तरफ खुलने वाली कॉन्टिनेंटल कारें खूब पसंद की गई थीं। ऐसी ही एक कार थी लिंकन कॉन्टिनेंटल कार। कंपनी कॉन्टिनेंटल कारों में 'सुसाइड डोर' दोबारा लेकर आई है। इस कार में शुरूआत में खर्च कम रखने के लिए अगले-पिछले दोनों दरवाजों के हैंडल एक जगह रखे गए थे। रोल्स रॉयस कारों में भी दरवाजे ऐसे ही होते हैं।

इस वजह से मिला सुसाइड कार का तमगा-

चलती कार में दरवाजा खोलने पर हवा के दबाव के कारण बंद करना मुश्किल होता है। इसीलिए इसे सुसाइड डोर नाम दिया गया। इसे कोच डोर भी कहते हैं। इसके लिए कार की लंबाई 6 इंच बढ़ानी पड़ी है।

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आपको बता दें कि 60 के दशक में ये कार बेहद पापुलर थी और लगभग हर मशहूर आदमी के पास ये कार थी। अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी को कॉन्टिनेंटल में ही गोली मारी गई थी। उनकी पत्नी जैकलीन केनेडी और मशहूर पेंटर पाबलो पिकासो के पास भी कॉन्टिनेंटल कार थी। लेकिन सबसे पहले 1939 में फोर्ड के संस्थापक हेनरी फोर्ड के बेटे एडसेल ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए कॉन्टिनेंटल कार बनवाई थी। उनके दोस्तों के कार की डिमांड पर कुछ और कारें बनाई गईं। लेकिन 1961 में इस कार का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया गया।

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बिक्री घटने पर 2002 में इसका उत्पादन बंद कर दिया गया था 2016 में इसे दोबारा लांच किया गया था। अब एक बार फिर से कंपनी इस कार को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

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