अब इलेक्ट्रिरक वाहन बनाने पर होगा फायदा, कंपनियों को सरकार देगी ईनाम
नई दिल्ली: इको फ्रेंडली गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नए-नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में नया कदम है, कार्बन डाईऑक्साइड गैस के एमिशन के आधार पर क्रेडिट सिस्टम शुरू करने की योजना । इसके तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स या कम एमिशन वाले व्हीकल्स बनाने वाली कंपनियों को सरकार द्वारा इंसेंटिव दिया जाएगा।
सरकार ऑटो कंपनियों के लिए ट्रेडेबल ऑटो-एमिशन कूपन की व्यवस्था शुरू करने जा रही है।ताकि उन्हें इलेक्ट्रिक वीइकल्स को बनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। कूपन की कीमतें बाजार से तय होंगी, जो कार्बन डाईऑक्साइड गैस के प्रति किलोमीटर एमिशन और इस आधार पर गाड़ियों की एफिशियंसी के आधार पर तय होगी । 'कार्बन डाईऑक्साइड के एमिशन टार्गेट को नहीं पूरा करने वाली ऑटो मैन्युफैक्चरर को जहां कूपन या क्रेडिट खरीदना होगा, वहीं टार्गेट पूरा करने वाली मैन्युफैक्चरर को इनाम में कूपन दिए जाएंगे।'
इस प्रस्ताव को सरकार के थिंक-टैंक नीति आयोग ने रखा था, जिस पर संबंधित मंत्रालय विचार कर रहा है। सरकार जल्द ही इस पर नीति की घोषणा कर सकती है।
इस तरह काम करेगा ये सिस्टम-
- कार्बन डाईऑक्साइड का एमिशन टार्गेट पूरा नहीं करने वाले ऑटो मैन्युफैक्चरर्स को सरकार से कूपन या क्रेडिट खरीदना होगा.
- एमिशन टार्गेट पूरा करने वाली ऑटो मैन्युफैक्चरर्स को इनाम में कूपन दिए जाएंगे, जिन्हें वे इंसेंटिव या सब्सिडी लेने के लिए भुना सकेंगी.
- कूपन को कार्बन डाईऑक्साइड गैस के प्रति किलोमीटर एमिशन के साथ एक स्लाइडिंग स्केल पर गाड़ियों की एफिशियंसी के आधार पर क्रेडिट किया जाएगा.
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वीइकल्स की खरीद पर सब्सिडी देने के लिए 2015 में दो साल के लिए FAME योजना को लॉन्च किया था। इस स्कीम को बाद में सितंबर 2018 तक बढ़ा दिया गया। इस स्कीम के तहत सरकार ने 22000 टू-व्हीलर्स, 61000 थ्री-व्हीलर्स और 187,000 फोर-व्हीलर्स पर सब्सिडी दी है।
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