ईमा मार्केट यहां चलता हैं सिर्फ औरतों का राज ! दिलचस्प है ये जगह

आज तक आपने भारतीय बाजारों में सिर्फ मर्दों का राज चलते देखा होगा लेकिन इस मामले में बेहद खास है इंफाल की ईमा मार्केट। यहां के लोगों की मानें तो यह मार्केट सोलहवीं शताब्दी से अस्तित्व मे है।मणिपुरी समाज की रीढ़ की हड्डी मानी जाने वाली महिलाएं इस मार्केट का संचालन करती हैं। यह एशिया की सबसे बड़ी मार्केट है जिसे पूरी तरह से महिलाएं चलती हैं। यहां लगभग 4000 महिलाएं व्यापार करती हैं। मणिपुरी भाषा मे ईमा का मतलब होता है मां और यहां सही मायनों मे माएं ही हैं जो दुकाने चलती हैं।ईमा मार्केट के दो भाग हैं एक भाग में सब्जी, मछली, मसाले व घर का अन्य समान मिलते हैं। भांति भांति की मछलियाँ, फल-फूल, पूजा का समान, सूखे मसाला, मटके और ना जाने क्या क्या। अगर आप शॉपिंग करते करते थक गए हैं और भूख भी लगने लगी है तो यहीं मार्केट के बीचों बीच कोई ईमा आपको ताजी पकाई हुई मछली और भात भी खिला देगी। यहां छोटा-सा लाईव किचन चलाने वाली ईमा भी होती हैं जोकि मुनासिब पैसों में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाती हैं। थोड़ी दूर जाने पर दूसरी मार्केट है जहां हाथ के बने कपड़े बिकते हैं। यहां से आप मणिपुर का पारंपरिक परिधान खरीद सकते हैं और वहीं पर सिलाई मशीन के साथ बैठी महिलाओं से सिलवा भी सकते हैं।
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