जन्माष्टमी पर करें shree krishna के इन मंदिरों की सैर, खुशियों से भर जाएगा साल

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म दिन दो दिन मनाया जाएगा। एक जिन वृंदावन में जन्मोत्सव होता है तो दूसरे दिन मथुरा में। मान्यता है कि देवी देवकी ने कंस की काल कोठरी में भगवान कृष्ण को जन्म दिया था। आज हम आपको गुजरात के कुछ खास कृष्ण के मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।द्वारकाधीश मंदिरगुजरात का कृष्ण का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर द्वारकाधीश प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का धार्मिक महत्व इस मंदिर को विश्व में एक अलग ही स्थान पर ले गया है। इस मंदिर में कृष्णजी द्वारकाधीश के रुप में स्थापित है। यह यहां के सबसे प्राचीन मंदिरों में शुमार है जिसका निर्माण कुछ 2000 साल पहले किया गया था।शामलाजी मंदिरशामलाजी मंदिर गुजरात में भगवान कृष्ण का बहुत विशाल मंदिर है। यह मंदिर यहां के मुख्य मंदिरों में शुमार है। श्रीकृष्ण को यहां भगवान विष्णु के श्याम अवतार के रूप में चित्रित किया गया है और उनकी पूजा एक ग्वाल के रूप में की जाती है। भालका तीर्थगुजरात का कृष्ण को समर्पित भालका तीर्थ स्थल काफी जाना जाने वाला स्थान है। माना जाता है कि यहां पर एक शिकारी ने कृष्ण पर तीर चला दिया था। उसके बाद भगवान कृष्ण ने धरती छोड़कर नीजधाम प्रस्थान किया था। यह मंदिर ठीक उसी स्थान पर बनाया गया था जिस स्थान पर शिकारी ने कृष्ण का तीर से शिकार किया था।बेत द्वारकायह एक रोमंचक मंदिर है। यहां तक का सफर आपको नाव के सहारे करना होता है। इस मंदिर को गुजरात क्या पूरे भारत में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यह भगवान का वास्तविक स्थान माना जाता है। यहां पर ऐसा माना जाता है कि भगवान की जो मूर्ति मौजूद है उसका निर्माण उनकी पत्नी रुक्मिणी ने किया था। ऐसा भी माना जाता है कि यहां पर ही कृष्ण के प्रिय मित्र सुदामा कृष्ण से मिलने आए थे। साथ ही उन्होंने कृष्ण को भेट में चावल दिए थे। यही वजह है कि यहां कि मान्यता है कि अगर भगवान को यहां चावल चढ़ाएं जाएं तो भगवान खुश हो जाते हैं।कैसे जाएंगुजरात जाने के लिए दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों से सीधी ट्रेन है। आप हवाई मार्ग से भी गुजरात आसानी से पहुंच सकते हैं। कहां ठहरेंगुजरात के विभिन्न शहरों में एक से बढ़कर एक होटल हैं। जिसे आप ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
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