china के रास्ते भारत में हो रहा ऐसा खौफनाक काम, खुफिया विभाग की रिपोर्ट से मची खलबली

पूर्वोत्तर भारत समेत सिलिगुड़ी में सोने की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय राजस्व निदेशालय (डीआरआइ) की खुफिया विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक इस एक अप्रैल से लेकर अब तक पूरे पूर्वोत्तर भारत में 137 किलो सोने की जब्ती हुई है। बता दें कि तस्करों के लिए चीन एक बड़ा स्वर्ग के रूप में उभरा है। तस्कर चीन से ही सोने को पूर्वोत्तर राज्यों में लाते हैं और उसके बाद सिक्किम और सिलीगुड़ी होकर कोलकाता समेत देश के दूसरे शहरों में भेज देते हैं। डीआरआइ सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 2017-18 के दौरान इन इलाकों से 430 किलो सोना व सोने के जेवरात बरामद किये गये थे। 32 किलो सोना बरामदगौरतलब है कि डीआरआइ की खुफिया विभाग ने सिलीगुड़ी के सेवक रोड इलाके से 32 किलो सोना बरामद किया गया। इस सिलसिले में वहां के पायल सिनेमा इलाके से तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। डीआरआइ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोना तस्करी की जानकारी पहले ही गुप्त सूत्रों से उनकी टीम को मिल चुकी थी।जानकारी के अनुसार तीनाें तस्कर सोना लेकर सिक्किम से सिलीगुड़ी जानेवाले हैं। सोने की तस्करी चीन से की गयी। 32 किलो सोने को चीन से पहले सिक्किम लाया गया, उसके बाद सिलीगुड़ी होकर सोने को कोलकाता भेजने की योजना थी।गुप्त सूचना से इसकी जानकारी डीआरआइ को मिल गयी थी। उसके बाद ही डीआरआइ की टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।शरीर की तलाशी के दौरान मिले सोने के बार गुरूवार करे रात सिलीगुड़ी के सेवक रोड में पायल सिनेमा हॉल के निकट डीआरआइ ने सिक्किम से आ रही एक वैगन आर गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली, उसमें तीन संदिग्ध पाये गये। पूरी गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें कुछ नहीं मिला। लेकिन जब इन तीनों की शरीर की तलाशी ली गयी तो एक पर एक सोने के बार मिलते चले गये। तीनों आरोपियों ने अपने शरीर में बेल्ट के सहारे सोने के बार को बांध रखा था। तलाशी किये जाने पर उनके पास से 32 किलो सोना बरामद किया गया। सोने की बाजार कीमत करीब 10.32 करोड़ रुपये आकी गर्इ है। चीन से सिक्किम लाए थे सोना तीनों ही तस्कर महाराष्ट्र के रहनेवाले हैं। तस्करों ने सिक्किम से सिलीगुड़ी जाने के लिए वैगन आर गाड़ी को किराये पर लिया था। तस्करों की पहचान प्रवीण शंभाराव कदम, धनाजी साहेबराव बाबर तथा अक्षय हरिदास मगर के रूप में हुर्इ है। पूछताछ के दौरान तीनों ने बताया कि वे चीन से सोने की तस्करी कर पहले सिक्किम लेकर आये। उसके बाद सिलीगुड़ी होते हुए कोलकाता ले जाने की योजना थी। पूर्वोत्तर में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती शुक्रवार को तीनों को ही कड़ी सुरक्षा के बीच सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया। वैसे ये तीनों पिछले काफी दिनों से सिलीगुड़ी में रह रहे थे। शुक्रवार को उनके घर की भी तलाशी ली गयी। जहां से लगभग 20 हजार रुपये नगद बरामद किये गये हैं। डीआरआइ सूत्रों ने इसे पूर्वोत्तर भारत में सोने की बड़ी जब्ती में से एक बताया है।
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