पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों के साथ हो रहे भेदभाव का खुलासा, इन कामों के लिए की जाती है नियुक्ति
इस्लामाबाद। पाकिस्तान से आए दिन वहां बसे अल्पसंख्यकों और गैर-मुस्लिमों के साथ भेदभाव के मामले सामने आते रहते हैं। वहां के गैर-मुस्लिमों ने कई बार इसके खिलाफ आवाज भी उठाई है लेकिन इसका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। अब हाल ही में एक ऐसा विज्ञापन चर्चा में है। इसमें जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक वहां सफाई कर्मचारियों जैसे पद सिर्फ गैर-मुस्लिमों के लिए है।
पाकिस्तान रेंजर्स में रिक्त पदों के लिए निकली थीं भर्तियां
मीडिया रिपोर्ट में चर्चा का विषय बने इस विज्ञापन में पाकिस्तान रेंजर्स में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भर्तियां निकली हैं। लेकिन इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि कुछ पद ऐसे हैं जो साफतौर सिर्फ गैर मुस्लिम व्यक्तियों के लिए ही हैं। इस बात का जिक्र इन पदों के आगे किया गया है कि सिर्फ गैर-मुस्लिम ही इनके लिए आवेदन करें। आपको बता दें कि इन पदों में टेलर, नाई, बढ़ई, पेंटर, वाटर करियर, जूता बनाने वाला और सफाईकर्मी के जैसेे काम शामिल हैं।
प्रमुख अखबारों में छपे हैं ये विज्ञापन
पाकिस्तान के अखबारों में प्रकाशित हो रहा ये विज्ञापन हेडक्वार्टर पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) की ओर से जारी किया जा रहा है। पाकिस्तान के एक प्रमुख और प्रतिष्ठित अखबार में भी 26 अगस्त के अंक में भी इस विज्ञापन को प्रकाशित किया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता कपिल देव ने किया ट्विटर पर शेयर
इस विज्ञापन के चर्चा में आने पर वहां के एक अल्पसंख्यकों के हक के लिए संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता कपिल देव ने इसे ट्विटर पर शेयर किया। जिसके बाद इस विज्ञापन की तस्वीरें पूरे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। लोगों ने इसपर जमकर विरोध जताया। कपिल देव ने तस्वीर शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा कि 'तो पाकिस्तान में सफाईकर्मी की नौकरी पाने के लिए आपका गैर मुस्लिम होना जरूरी है।'
मुस्लिमों ने भी इसका विरोध किया
आपको बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद सिर्फ गैर मुस्लिम लोगों ने ही नहीं बल्कि उनके साथ मुस्लिमों ने भी इसका विरोध किया। कई ट्विटर यूजर्स ने कपिल देव का ट्वीट रीट्वीट किया। ट्विटर की एक एंड्रिया रोज नाम की यूजर ने अपने पोस्ट में लिखा है 'तो पाकिस्तान की सेना सिर्फ तानाशाह और अलोकतांत्रिक संस्थान ना होकर जातिगत भेदभाव फैलाने वाली भी है।'
सोशल मीडिया पर मिल रहीं हैं ऐसी प्रतिक्रियाएं
उसके अलावा हमजा सरवानी नाम के यूजर के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया कि, 'यह कई स्तरों पर गलत है। हम एक देश, एक नागरिक और एकसमान हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता के हमारी जाति और धर्म क्या है।'
So, the criteria for job of a sweeper/sanitary workers in Pakistan is just you should be "NON-MUSLIM ONLY"!!
— Kapil Dev (@KDSindhi) August 30, 2018
Your job is to make filth only, and our is to clean only! pic.twitter.com/NxuAILWu87
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