महिलाओं के बारे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जानिए क्या

देश में शराब के सेवन के मामले में असम चौथे स्थान पर है लेकिन राज्य की महिलाएं इस फ्रंट पर टॉप पॉजिशन पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। अल्कोहल फ्री असम डिमांड कमेटी (एएफएडीसी) ने रविवार को राज्य को अल्कोहल फ्री बनाने की अपनी मांग को उठाया। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में शराब के सेवन से हर साल 3 मिलियन लोग मारे जाते हैं जबकि भारत में हर दिन 15 लोग मारे जाते हैं। कमेटी ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, असम में शराब का सेवन बढ़ता जा रहा है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में शराब के सेवन के मामले में असम चौथे पायदान पर है। राज्य में 23.8 फीसदी लोग शराब का सेवन करते हैं। पूरे भारत में राज्य का तिनसुकिया तीसरे स्थान पर है। जिले में 36.5 फीसदी लोग शराब का सेवन करते हैं। जहां तक शराब के सेवन की बात है तो असम की महिलाएं पहले पायदान पर है। प्रत्येक साल भारत में शराब के सेवन के कारण 55 फीसदी लोग मर जाते हैं। साथ ही दुर्घटना के इमरजेंसी मामले शराब पीकर वाहन चलाने से संबंधित हैं। करीब 25 फीसदी लोग मिक्सिंग अल्कोहल और ड्राइविंग के कारण मारे जाते हैं। असम में देश में बनी शराब व आईएमएफएल खुले में बेची जाती है क्योंकि यहां लेने वाले बहुत हैं। असम में 9.3 फीसदी महिलाएं ड्रिंक यूज करती है जबकि राजस्थान में सबसे कम 0.1 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती है। शहर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एएफएडीसी के अध्यक्ष प्रवीण दास ने कहा, असम को गुजरात की तरह अल्कोहल फ्री स्टेट होना चाहिए। हमने कई जगहों का दौरा किया है। यहां तक कि नागालैंड में भी शराब बैन है। इस कारण कई लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं। साथ ही दुर्घटनाएं भी बढ़ी है।
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