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क्रिकेट पर एक बार फिर से फिक्सिंग का काला साया, BCCI हुआ सन्न


क्रिकेट पर एक बार फिर से फिक्सिंग का काला साया नजर आया है। जिस कारण से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआर्इ) सन्न रह गया है। लोढ़ा समिति की सिफारिश पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों को बीसीसीआर्इ में शामिल किया गया है और मेघालय ने सोमवार को अपनी टी-20 लीग कराने की घोषणा भी कर दी। इसको लेकर मेघालय क्रिकेट संघ ने इवेंट मैनेजर्स ओरियंट ट्रेड लिंक के साथ करार (एमओयू) भी कर लिया गया है। लेकिन इस ओरियंट ट्रेड लिंक के मुखिया ऑशिम खेत्रपाल की एंट्री से बीसीसीआर्इ सन्न हो गया है। खेत्रपाल पर फिक्सिंग का आरोपदरअसल, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने इसी खेत्रपाल पर फिक्सिंग करने के लिए धन देने का आरोप लगाया था। 1999 में फ्लेमिंग और इंग्लैंड के ऑलराउंडर क्रिस लुईस ने खेत्रपाल पर अलग-अलग आरोप लगाए थे। उन्होंने मैनचेस्टर में इंग्लैंड-न्यूजीलैंड मैच को फिक्स करने के लिए 300,000 पाउंड की पेशकश की थी।खेत्रपाल उस समय रेडिएंट स्पो‌र्ट्स मैनेजमेंट नाम की कंपनी चलाते थे। हालांकि खेत्रपाल ने उन आरोपों को नकारा था। एक भारतीय पत्रकार ने भी खेत्रपाल का जिक्र अपनी किताब में किया है। खेत्रपाल ने यह माना था कि उन्होंने लीसेस्टर में फ्लेमिंग से मुलाकात की थी और उन्हें अपना विजिटिंग कार्ड सौंपा था। खेत्रपाल की एंट्री से परेशान है बीसीसीआर्इइसके बाद इंग्लैंड की जांच एजेंसी स्कॉटलैंड यार्ड और भारत की जांच एजेंसी सीबीआर्इ ने भी इस मामले की जांच की थी। खेत्रपाल के मेघालय के रास्ते क्रिकेट में घुसने से बीसीसीआर्इ के अधिकारी परेशान हो गए हैं। बीसीसीआर्इ के एक अधिकारी ने कहा कि मेघालय क्रिकेट संघ ने घरेलू टी-20 लीग कराने के लिए ओरियंट ट्रेड लिंक नामक कंपनी से एमओयू किया है। यह कंपनी खेत्रपाल की है। यही नहीं इसमें मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के सहयोग की बात भी की गई है। खेत्रपाल ने मेघालय क्रिकेट संघ के मुखिया नभा भट्टाचार्य के साथ वहां के मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की और फोटो भी खिंचाई। निश्चित तौर पर इस बारे में संगमा को खेत्रपाल के इतिहास के बारे में जानकारी नहीं होगी लेकिन नभा को तो इस बारे में पता होगा। वह ऐसे संदिग्ध आदमी को मुख्यमंत्री के पास लेकर क्यों गए। क्रिकेट में बढ़ेगा भ्रष्टाचारबीसीसीआर्इ के पदाधिकारी ने कहा कि लोढ़ा समिति का खतरनाक पहलू सामने आने लगा है। जो लोग बीसीसीआर्इ से अभी तक दूर थे वे अब छोटे राज्यों और खासतौर पर पूर्वोत्तर के राज्य संघों से क्रिकेट में आ रहे हैं। इससे क्रिकेट में भ्रष्टाचार बढ़ेगा।मालूम हो कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर फैसला दिया था और उसके तहत पूर्वोत्तर के राज्यों को भी इस सत्र से रणजी में खेलने का मौका मिला है। अभी तक तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखंड और मुंबई ने ही अपनी टी-20 क्रिकेट लीग शुरू की है जबकि बीसीसीआर्इ आइपीएल का आयोजन करता है।

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