सुशील मोदी का सोनिया गांधी पर हमला- 26/11 पर मनीष तिवारी के बयान पर चुप्पी तोड़ें कांग्रेस सुप्रीमो
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री औऱ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi ) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी (Manish Tewari) की किताब में लिखे मुंबई 26/11 आतंकी हमले (Mumbai 26/11 terror attack ) के मामले पर हमला बोला है।
सुशील मोदी ने कहा है कि जब मनीष तिवारी (Manish Tewari ) ने अपनी किताब में स्वीकार किया है कि मुंबई पर 26/11 के आतंकी हमले के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ था, तो इस पर कांग्रेस मुखिया सोनिया गांधी को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।Koo App१/१. पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने जब अपनी किताब में स्वीकार किया है कि मुंबई पर 26/11 के आतंकी हमले के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ था, तब इस मुद्दे पर सोनिया गांधी को चुप्पी तोड़नी चाहिए। - Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 23 Nov 2021
इसके साथ ही उन्होंने अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा है कि सभी नेता भी बताएं कि देश के साथ विश्वासघात करने वाली पार्टी के साथ वे चुनावी तालमेल क्यों करते हैं? क्या विपक्ष के लिए चुनावी जीत देश से बड़ी है?Koo App२/१. 2008 में मुंबई पर आतंकी हमला और 170 देशवासियों की जान लेने के बाद भी कांग्रेस ने पराक्रमी भारतीय सेना के हाथ बाँधे रखे थे, लेकिन आठ साल बाद जब पुलवामा में आतंकी हमला हुआ और 44 जवान शहीद हुए, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना-वायुसेना को पूरी छूट दी और पड़ोसी की सीमा में घुस कर ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक किया गया कि पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया। - Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 23 Nov 2021
सुशील मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Koo पर की गई एक पोस्ट में लिखा, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने जब अपनी किताब में स्वीकार किया है कि मुंबई पर 26/11 के आतंकी हमले के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ था, तब इस मुद्दे पर सोनिया गांधी को चुप्पी तोड़नी चाहिए।साथ ही उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धि गिनवाते हुए Koo App पर लिखा कि 2008 में मुंबई पर आतंकी हमला और 170 देशवासियों की जान लेने के बाद भी कांग्रेस ने पराक्रमी भारतीय सेना के हाथ बांधें रखे थे, लेकिन आठ साल बाद जब पुलवामा में आतंकी हमला हुआ और 44 जवान शहीद हुए, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना-वायुसेना को पूरी छूट दी और पड़ोसी की सीमा में घुस कर ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक किया गया कि पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया।
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3CPbRY9
कोई टिप्पणी नहीं