प्रियंका गांधी के साथ सेल्फी लेना पड़ेगा भारी, महिला कांस्टेबलों को लगेगा झटका, जानिए कैसे

लखनऊ के पुलिस आयुक्त डी.के. ठाकुर ने कहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ सेल्फी (Selfie With Priyanka Gandhi) लेने वाली महिला कांस्टेबलों (lady constable) को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रियंका के साथ आगरा जाने के रास्ते में लखनऊ के बाहरी इलाके में रोके जाने के समय डियूटी पर तैनात महिला कांस्टेबलों ने प्रियंका वाड्रा के साथ सेल्फी (Selfie With Priyanka Gandhi) ली, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।तस्वीरों में प्रियंका और युवतियों (Selfie With Priyanka Gandhi) को मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। प्रियंका ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर मेरे साथ फोटो खिंचवाना अपराध है, तो मुझे सजा मिलनी चाहिए, महिला कांस्टेबलों को दोष क्यों देना। गौरतलब है कि प्रियंका (Priyanka Gandhi) बुधवार की आधी रात से ठीक पहले अरुण वाल्मीकि (Arun Valmiki death) के घर पहुंचीं और वाल्मीकि के परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि अरुण वाल्मीकि के रिश्तेदारों ने मुझे बताया कि पूरे परिवार को प्रताडि़त किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वाल्मीकि को बिजली के झटके दिए गए और उनके हाथों को पुलिस ने कुर्सी के नीचे कुचला भी था। इसके अलावा, वाल्मीकि समुदाय के लगभग 40 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया था और प्रताडि़त किया गया।इस महीने दूसरी बार लखनऊ में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका (Priyanka Gandhi) को चार अन्य लोगों के साथ आगे बढऩे की अनुमति दी गई थी। इससे पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर पहले टोल प्लाजा पर उनकी कार को रोका गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। उन्होंने कहा कि अगर मैं घर पर हूं, ठीक हूं। अगर मैं अपने कार्यालय जाती हूं, तब तक सब ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही मैं कहीं और जाती हूं, वे यह तमाशा शुरू करते हैं। क्यों? मैं उस परिवार से मिलूंगी। यह हास्यास्पद हो रहा है, यातायात को देखो, लोग प्रभावित हो रहे हैं । प्रियंका ने देश में स्वतंत्र आवाजाही के अपने संवैधानिक अधिकार को भी रेखांकित किया। इस बीच आप सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) भी बुधवार देर रात आगरा पहुंचे और मृतक अरुण वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही अराजकता के लिए राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि भाजपा कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रही है।उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पहले पुलिस ने गोरखपुर में एक व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या की और अब एक निर्दोष व्यक्ति को हिरासत में मौत की सजा दी गई है। एक सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि पर एक इमारत से पैसे चुराने का आरोप लगाया गया था, जो पुलिस स्टेशन के साक्ष्य गोदाम में एक क्लीनर के रूप में काम करता था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।
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