Breaking News

भारत ने किया बड़ा खुलासाः तालिबान की मदद कर रहा है पाकिस्तान, पंजशीर पर पाक एयरफोर्स ने बरसाए बम


अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद सत्ता का संघर्ष अब चरम पर जा पहुंच गया है। यहां दोहरा संकट बरकरार है। पहला संकट सरकार बनाने को लेकर तालिबानियों के बीच हुआ विवाद है वहीं दूसरा संकट पंजशीर में चल रही लड़ाई है। इस बीच परदे के पीछे से तालिबान की मदद कर रहा पाकिस्तान भी बेनकाब हो गया है। तालिबान के लड़ाके पिछले 10 दिन से पंजशीर की घेराबंदी कर चारों तरफ से लगातार हमले कर रहे हैं। दावा है कि तालिबानियों ने पंजशीर की राजधानी में प्रवेश कर लिया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से पंजशीर में ड्रोन हमले किए गए हैं। इसमें स्मार्ट बमों का इस्तेमाल किया गया है। इस ड्रोन हमले में पंजशीर के प्रवक्ता फहीम दश्ती की मौत हो गई। फहीम पंजशीर के रेजिस्टेंस फोर्स के अहमद मसूद के काफी करीबी थे।भारतीय एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान में शम्सी हवाई क्षेत्र को अफगानिस्तान में तालिबान के अभियानों का समर्थन करने के लिए फिर से सक्रिय किया गया है। दोनों मुल्कों की 1600 मील लंबी सरहद है। भारतीय एजेंसियां लगातार पाकिस्तानी गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के घर पर भी हैलीकॉप्टर से हमला हुआ। हालांकि, उस दौरान सालेह वहां पर मौजूद नहीं थे। सालेह को सुरक्षित ठिकाने पर ले जाया गया है।उधर, तालिबान का दावा है कि बाकी पंजशीर पर उसका कब्जा हो चुका है, लड़ाई अब केवल राजधानी बाजारक में ही जारी है। उसने बड़ी संख्या में विरोधी बलों से लड़ाकों को पकडऩे का दावा भी किया है। तालिबान ने कहा है कि उसने बड़ी संख्या में हथियार और गाडिय़ों को भी जब्त किया है। इससे पूर्व अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने पंजशीर घाटी में मानवीय संकट के हालात पर संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर मदद मांगी है। सालेह ने कहा कि स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो नरसंहार देखने को मिलेगा। पंजशीर को तालिबान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है। पंजशीर में करीब ढाई लाख लोग फंसे हुए हैं। यूएन के हाई लेवल अधिकारी की बरादर से मुलाकात :उधर, संयुक्त राष्ट्र की मानवीय मामलों की एजेंसी के प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने तालिबान के नेता मुल्ला बरादर से मुलाकात की है। काबुल के विदेश मंत्रालय में हुई इस मुलाकात के दौरान मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अफगानिस्तान के साथ अपना समर्थन और सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने अफगानिस्तान में लाखों जरूरतमंद लोगों को निष्पक्ष मानवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए तालिबान के नेतृत्व से मुलाकात की।

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3DP65HD

कोई टिप्पणी नहीं