टोक्यो ओलंपिक में चुपके से इतिहास रचने के करीब है भारत की ये बेटी, आज किया ऐसा बड़ा कारनामा

टोक्यो ओलिंपिक में पूरे देश की निगाहें जहां कुश्ती और हॉकी के मुकाबलों पर टिकीं थी, इसी बीच भारत की एक बेटी चुपचाप इतिहास रचने के करीब आ चुकी है। जी हां, इस खिलाड़ी का ना है अदिति अशोक, जो कि गोल्फ टूर्नामेंट में अपना बेरतरीन प्रदर्शन दिखा रही है। अदिति महिलाओं के व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले के तीसरे दौर के बाद दूसरे स्थान पर हैं।अदिति के पास गोल्ड मेडल जीतने का बेहतरीन मौका है। अगर खराब मौसम के कारण शनिवार (7 अगस्त) को चौथा और फाइनल राउंड नहीं होता है तो अदिति को सिल्वर मेडल मिल सकता है। वहीं अगर फाइनल राउंड पूरा होता है तो वह गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार होंगी। 23 साल की अदिति अशोक बेंगलुरु की हैं। अदिति मेडल जीत जाती हैं, तो भारतीय गोल्फ के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। भारत ने अब तक ओलंपिक में गोल्फ में मेडल नहीं जीता है। पांच साल पहले तक अदिति अशोक गोल्फ के दिग्गजों के बीच अपना समय बिताते दिखती थीं। रियो ओलंपिक- 2016 में वह महिला गोल्फ प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र की प्रतियोगी थीं। अब समय बदल चुका है और वह टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतने की ओर हैं।अदिति ने कहा, रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने से मुझे अनुभव मिला। ओलंपिक विलेज में रहना और एथलीटों को देखना शानदार अनुभव था। इस ओलंपिक में मुझे लगता है कि मैं अच्छा फिनिश करूंगी। मैं मेडल जीतने की कोशिश करूंगी। यह सिर्फ चौथा मौका है जब ओलंपिक में गोल्फ खेला जा रहा है। महिला वर्ग के गोल्फ मुकाबले बुधवार को कासुमिगासेकी कंट्री क्लब में शुरू हुए। पहले दिन स्वीडन की मेडलिन सैगस्ट्रॉम ने 66 का कार्ड खेला और पहले नंबर पर रहीं। अदिति अशोक ने पहले दिन 4 अंडर 67 का कार्ड खेला था। वह पहले दिन के बाद अमेरिका की नेली कोर्डा (67) संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर थीं।23 साल की अदिति अशोक ने गुरुवार को दूसरे राउंड में और बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने 5 बर्डी लगाते हुए 66 का कार्ड खेला, लेकिन वह दुनिया की नंबर एक गोल्फर नेली कोर्डा से पिछड़ गईं।
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