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पेगासस फोन हैकिंग: राहुल गांधी में बोला हमला , अमित शाह और पीएम मोदी को बता दिया देशद्रोही


इसराइल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ द्वारा तैयार पेगासस स्पाईवेयर भारत में इन दिनों खूब चर्चा में हैं। दरअसल भारत में इसके जरिए कई पत्रकारों और चर्चित हस्तियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद भारत में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसको लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- पेगासस को इजरायली राज्य द्वारा एक हथियार के रूप में वर्गीकृत किया गया है और माना जाता है कि उस हथियार का इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इसका इस्तेमाल भारतीय राज्य और हमारी संस्थाओं के खिलाफ किया है।राहुल गांधी ने संसद भवन के निकट विजय चौक पर संवाददाताओं से कहा, पेगासस एक हथियार है जिसका उपयोग आतंकवादियों और अपराधियों के खिलाफ किया जाता है। हमारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने भारत के संस्थाओं और लोकतंत्र के खिलाफ इसका उपयोग किया। मेरा फोन टैप किया। यह मेरी निजता का मामला नहीं है। मैं विपक्ष का एक नेता हूं और मैं जनता की आवाज उठाता हूं। यह जनता की आवाज पर आक्रमण है। उन्होंने दावा किया, राफेल मामले की जांच रोकने के लिए पेगासस का उपयोग किया गया। इन्होंने इसका इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ किया है। नरेंद्र मोदी जी ने इस हाथियार का उपयोग हमारे देश के खिलाफ किया। इसके लिए सिर्फ एक शब्द है देशद्रोह। देश में इस स्पाईवेयर के जरिए जिन लोगों की जासूसी होने का आरोप है उस लिस्ट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नंबर भी मिला है। हालांकि, 2019 में इस मुद्दे के उठने के बाद भारत सरकार ने पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से इनकार किया था और अब भी केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इधर, इस बवाल में पाकिस्तान ने भी एंट्री कर ली है और एक अलग ही राग छेड़ दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के फोन की भी इस इजरायली सॉफ्टवेयर के जरिए कथित तौर पर जासूसी की बातें सामने आई हैं। अब पाकिस्तान ने इसे लेकर भी भारत पर आरोप लगा दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि वह इस मुद्दे को बड़े मंच पर उठाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इमरान खान के फोन की जासूसी को लेकर डॉन न्यूज को बताया, हम भारत द्वारा हैकिंग के ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा- एक बार डीटेल पता होने के बाद इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाया जाएगा। इससे पहले एक ट्वीट में, चौधरी ने उन रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की थी जिसमे कहा गया था कि भारत सरकार ने कथित रूप से पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों की जासूसी करने के लिए इजरायल के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।

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