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Kangana Ranaut को विदेश जाने की अभी अनुमति नहीं , पासपोर्ट मामले में अर्जेंट सुनवाई से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार


एक्ट्रेस कंगना रनौत को पासपोर्ट रिन्यूअल मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए इसे 25 जून तक टाल दिया है। रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने कंगना के पासपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए उसे रिन्यू करने से मना कर दिया है। इसके बाद इसे लेकर कंगना ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जेंट हियरिंग के लिए याचिका दाखिल की थी। कंगना रनौत ने याचिका में कहा था कि इस मामले पर अर्जेंट सुनवाई हो, क्योंकि उन्हें फिल्म धाकड़ की शूटिंग के लिए विदेश रवाना होना है। हालांकि, कोर्ट ने फौरी तौर पर कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कंगना को नए तरीके से याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस पीबी वार्ले और जस्टिस एसपी तावड़े की पीठ ने इस मामले की सुनवाई स्थगित कर दी, क्योंकि रनौत ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार नहीं बनाया है। पीठ ने कहा कि रनौत का आवेदन अस्पष्ट है और इसमें सभी प्रासंगिक तथ्यों को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब पासपोर्ट की मियाद खत्म हो रही है, यह जानते हुए भी आखिरी क्षणों में याचिका क्यों दाखिल की? बता दें कि कंगना के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद उनके पासपोर्ट का रिन्यूअल नहीं हुआ था.वकील रिजवान सिद्दीकी ने कोर्ट में कंगना रनौत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट ऑफिस ने रिन्यू के लिए फॉर्म भरते समय कहा है कि इसे नहीं किया जा सकता। इसे लेकर लिखित तौर पर कुछ नहीं है, ये सब मौखिक हुआ है। पासपोर्ट अथॉरिटी ने कहा है कि अगर हाईकोर्ट से एनओसी मिलती है फिर उसे वो रिन्यू करेंगे। वकील रिजवान सिद्दीकी के जरिए दायर याचिका में रनौत ने कहा कि मुंबई के स्थानीय पासपोर्ट कार्यालय ने उनका पासपोर्ट रिन्यू करने से इस आधार पर इनकार दिया कि बांद्रा पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में उनके और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ कथित भड़काऊ ट्वीट के मामले में इस साल एक प्राथमिकी दर्ज की थी. प्राथमिकी में दावा किया गया है कि उनके कथित ट्वीट समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने वाले थे.हाईकोर्ट ने कहा कि एप्लीकेशन में ऐसा कुछ नहीं हुआ है, ये सब मौखिक है. पासपोर्ट रिन्यू का काम पासपोर्ट अथॉरिटी का है किसी पीएसआई का नहीं. अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि रनौत ने आवेदन में केवल खुद के लिए राहत नहीं मांगी, बल्कि उनकी बहन के नाम का भी एक आवेदक के रूप में उल्लेख किया गया है. अदालत ने कहा कि 25 जून वह सबसे पहली तारीख है, जिस पर सुनवाई कर सकती है. जजों ने कहा कि यह केवल एक फिल्म है. कार्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है. पहली बात कि याचिका अस्पष्ट है. अगर वह इतनी सतर्क होतीं, तो पहले ही सभी विवरणों के साथ अदालत का रुख करतीं. केवल एक सप्ताह की बात है, फिल्म निर्माण में एक साल से अधिक का समय लगता है. 25 जून सबसे पहली तारीख है जो हम दे सकते हैं.

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