रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले निजी अस्पताल के डॉक्टर निकले फर्जी

एमपी के जबलपुर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो डॉक्टर जांच में फर्जी पाए गए हैं। जानकारी के अनुसार चार रेमडेसिवीर इंजेक्शन के साथ बीते 20 अप्रैल को एसटीएफ द्वारा दबोचे गए दो निजी अस्पताल के चिकित्सकों की डिग्री फर्जी निकली। जानकारी के अनुसार दोनों चिकित्सकों में से एक अभी पढ़ाई कर रहा है, तो दूसरे ने कभी दाखिला ही नहीं लिया। एसटीएफ ने सीएमएचओ को पत्र भेजकर पूछा है कि ऐसे डॉक्टरों को नौकरी पर रखने वाले अस्पतालों के खिलाफ क्या मामला बन सकता है? आखिर ऐसे अनट्रेंड डॉक्टर इलाज करेंगे तो मरीज का भगवान ही मालिक है। एसटीएफ ने 20 अप्रैल को चार रेमडेसिवीर इंजेक्शन मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें निजी अस्पताल के पैथालाजिस्ट सहित आशीष हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. नीरज साहू और लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. जितेंद्र को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान ही उनकी योग्यता संबंधी दस्तावेज संदिग्ध लगे थे। दोनों चिकित्सकों की डिग्री की जांच को लेकर एसटीएफ ने कॉलेज प्रशासन से पत्राचार किया था।
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