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आखिरकार हुआ बड़ा खुलासाः भारत को करोड़ों की चपत लगा रहा चीन


भारतीय संस्कृति के मुताबिक भारत में बच्चों के संस्कार से लेकर अंतिम संस्कार तक में बाल मुंडवाने की प्रथा का काफी महत्व है। देश के कई मंदिरों में बाल चढ़ाने की प्रथा है। दक्षिण भारत के तिरुपति बालाजी मंदिर समेत कई मंदिरों में तो मन्नतें पूरी होने पर बाल चढ़ाने वालों का तांता लगा रहता है। इन मंदिरों में हर रोज सैकड़ों टन बाल चढ़ाए जाते हैं। इन कटे हुए बालों का भारत में हर साल करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। मंदिरों के अलावा और दूसरे सोर्सेज से भी बाल एकत्रित किए जाते हैं, जिनका इंटरनेश्नल मार्केट में एक्सपोर्ट किया जाता है। देश में इन्हें चुट्टी, गोली और थुट्टी के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन देश में मानव बालों के कन्साइनमेंट कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। इसकी वजह चीन को गैरकानूनी तरीकों से मानव बालों की स्मलिंग माना जा रहा है। इस स्मलिंग से भारत को हर साल करीब 150 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है। बालों की तस्करी को देखते हुए पश्चिम बंगाल के स्पेशल इन्वेसटिगेशन ब्रांच की तरफ देशभर में जीएसटी, कस्टम्स, डीआरआई और एयरपोर्ट अथॉरिटी को अलर्ट भेजा गया है। इनका कहना है कि कुछ मानव बालों के एक्सपोर्टर जानबूझ कर अपने कन्साइनमेंट का मूल्य कम दर्शा रहे हैं। पूरी दुनिया में इंसानी बालों का कुल कारोबार 22,500 करोड़ रुपए का है। एक हेयर प्रॉडक्ट्स की कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक ये कारोबार हर साल लगभग 10 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। आंकड़े कहते हैं कि 2023 तक यह कारोबार 75,000 करोड़ का हो जाएगा। 2018 में अकेले भारत ने 250 करोड़ रुपए का बालों का कारोबार किया। यह दुनिया के कुल एक्सपोर्ट का लगभग आधा है। 2014 से लेकर अब तक इस कारोबार में लगभग 40 फीसदी इजाफा हुआ है। देश के टॉप एक्सपोट्र्स अपने कन्साइनमेंट की कीमत 27 रुपए से लेकर 1400 रुपए प्रतिकिलो दर्शा रहे हैं। जबकि देश में मानव बालों की मौजूदा समय में खुले बाजार में कीमत रुपए 4500 रुपए से 6000 रुपए प्रतिकिलो के बीच है। साल 2017 से इनके औसत मूल्य में काफी गिरावट देखने को मिली है। म्यांमार और बांग्लादेश के व्यापारी भारतीय बिचौलियों से सीधे बालों की खरीद कर चीन में भेज रहे हैं। स्मलिंग में ये लोग बालों को कन्साइनमेंट को कॉटन या अन्य चीजें के कन्साइनमेंट बता रहे हैं। इससे फेमा नियमों और इनकम टैक्स नियमों के उल्लंघन के साथ ही 28 परसेंट इम्पोर्ट ड्यूटी का भी नुकसान हो रहा है। भारत से बालों को खरीद कर म्यांमार और बांग्लादेश में प्रोसेस्ड किया जाता है। यहां सस्ते लेबर की वजह से बालों की प्रोसेसिंग काफी फायदेमंद पड़ती है। इसके बाद इन्हें चीन भेजा जाता है। चीन मानव बालों से ह्यूमन विग के साथ ही ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं।

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