Breaking News

ये उपाय चुटकियों में दूर कर देंगे आपकी मानसिक परेशान‍ियां, जानिए कैसे


ऑफिस और घर की जिम्‍मेदार‍ियों को बैलंस करते-करते कई बार स्‍ट्रेस काफी बढ़ जाता है। ऐसे में मानस‍िक द‍िक्‍कतों का बढ़ना लाजिमी है। ऐसे में ये उपाय मेंटल पीस के लिए बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।- ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार अगर कार्यक्षेत्र संबंधी मानस‍िक तनाव हो तो न‍ियम‍ित रूप से हर शन‍िवार को भगवान श‍िव को जल में दूध डालकर अर्पित करें। इसके बाद ‘ऊं चंद्रशेखराय नम:’ मंत्र का श्रद्धानुसार 11, 21, 51 या 108 बार जप करें। ध्‍यान रखें मंत्र जप सुबह या शाम क‍िसी भी एक समय पर करें। ऐसा हरग‍िज न करें क‍ि एक द‍िन सुबह एक द‍िन शाम। जो भी समय आपके लिए उपर्युक्‍त हो वह समय तय कर लें और उसी वक्‍त पर जप करें।- ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार क‍िचन के सिंक में ज्यादा समय के लिए गंदे बर्तन ना रखें। क्योंकि इससे घर में दर‍िद्रता का वास होता है। साथ ही घर के सदस्यों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। इसलिए कभी भी क‍िचन के स‍िंक में गंदे बर्तन इकट्ठे न करें। इसके अलावा घर के डस्टबीन में ज्यादा कचरा इकठ्ठा ना होने दें। इससे भी लक्ष्‍मी माता रूठ जाती हैं।- ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार अगर तमाम प्रयासों के बावजूद भी मानस‍िक तनाव कम न हो रहा हो तो हर रोज सुबह-सुबह कम से कम पच्चीस मिनट के लिए खिड़की जरुर खोलें। मान्‍यता है क‍ि इससे कमरे से रात की नकारात्‍मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है। साथ ही सूरज की रोशनी के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इससे मानस‍िक तनाव भी कम होता है। घर के लोगों का भी स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहता है।- ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार जूते-चप्‍पलों के लिए घर में न‍िर्धारित जगह बना लें। इन्‍हें कभी भी इधर-उधर न फेंके। मुख्य द्वार के सामने तो भूले से भी जूते-चप्‍पल न रखें। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से घर में आने वाले हर व्यक्ति के साथ नकारात्मक उर्जा प्रवेश करती है। इसका सीधा प्रभाव व्‍यक्ति के मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है।

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2NZPv2A

कोई टिप्पणी नहीं