अब भाजपा के इस राज्य पर है कांग्रेस की नजर, शुरु किया ऐसा बड़ा मिशन

बिहार के विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं। एग्जिट पोल से उत्साहित कांग्रेस ने अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मिशन-2021 का आगाज असम से कर दिया है। इसके तहत आलाकमान ने प्रदेश प्रभारियों को अधिक से अधिक समय प्रभार वाले प्रदेशों में गुजारकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए सम्मेलन आदि आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।देश की सियासत के लिए 2021 काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडू और पुडुचरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से कांग्रेस के पास फिलहाल पुडुचरी राज्य में सत्ता है, जबकि शेष अन्य राज्यों में अन्य दलों की सरकारें है। कांग्रेस की नजर खासतौर पर असम और केरल पर बनी हुई है। इसके साथ ही पुडुचरी में सत्ता बरकरार रखने के साथ तमिल नाडू में डीएमके और पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों के साथ खुद को मजबूत करने की की कोशिश में है। इसको देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मिशन-2021 का आगाज कर इन प्रदेशों के प्रभारियों को संगठन को मजबूती के लिए जुटने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के वरिष्ठ नेता व कांग्रेस महासचिव जितेन्द्र सिंह ने उनके प्रभार वाले असम में सात दिन बिताए हैं। अब वह इसकी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को देंगे।कांग्रेस प्रभारी जितेन्द्र सिंह ने असम में राज्य स्तरीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन से लेकर जिला व ब्लॉक लेवल कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान असम में रहने वाले राजस्थानियों से भी उन्होंने मुलाकात की। साथ ही डिब्रूगढ़ में चाय बगान में काम करने वाले एक मजदूर परिवार के घर रात बिताई और उनकी खस्ताहाल जिंदगी को नजदीक से महसूस किया। साथ ही भोजन भी मजदूर के घर किया। इसके अलावा असम में किसानों के जुड़े तीन कानूनों को लेकर ट्रैक्टर रैली समेत अन्य विरोध प्रदर्शन किए। इस दौरान जितेन्द्र सिंह ने कहा कि असम की जनता को ढेर सारे सपने दिखाकर भाजपा सत्ता में आई, लेकिन केंद्र और राज्यों में भाजपा सरकार ने जनता को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि असम में गठबंधन को लेकर पार्टी अध्यक्ष व कांग्रेस कार्यसमिति अंतिम फैसला करेगी।
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